22मई 2026
पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। सिलीगुड़ी उपखंड के फांसीदेवा क्षेत्र में लंबे समय से रुका बॉर्डर फेंसिंग का काम अब शुरू हो गया है। राज्य सरकार द्वारा सीमा सुरक्षा बल (BSF) को करीब 27 किलोमीटर जमीन सौंपे जाने के बाद निर्माण एजेंसियों ने मौके पर काम तेज कर दिया है।
सीमावर्ती इलाके में फेंसिंग शुरू होने से स्थानीय लोगों में राहत और उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इस क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर डर और असुरक्षा बनी हुई थी, लेकिन अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि सीमा पर मजबूत निगरानी होने से अवैध गतिविधियों और घुसपैठ पर लगाम लगेगी।
ग्रामीणों के मुताबिक पहले सीमा से जुड़े गांवों में पशुपालन और खेती तक करना मुश्किल हो गया था। कई लोगों ने दावा किया कि इलाके में असामाजिक गतिविधियों और अवैध आवाजाही का डर हमेशा बना रहता था। अब फेंसिंग शुरू होने के बाद गांव वालों को सुरक्षा का एहसास होने लगा है।
स्थानीय निवासियों ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सीमा क्षेत्र में बाड़ लगाने का काम सिर्फ गांवों की सुरक्षा नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। लोगों का मानना है कि इससे सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले परिवारों को काफी राहत मिलेगी और वे पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। आने वाले समय में फेंसिंग पूरी होने पर सीमा सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।