बस्तर से गूंजा विकास और विश्वास का संदेश

26वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में बोले Amit Shah — “नक्सलमुक्त भारत अब विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है”

बस्तर की धरती से देश को एक ऐतिहासिक संदेश देते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने कहा कि पूरा बस्तर अब नक्सलवाद की छाया से बाहर निकल चुका है और यह उपलब्धि सुरक्षाबलों की बहादुरी, राज्यों के समन्वय और केंद्र सरकार की विकासपरक नीति का परिणाम है। छत्तीसगढ़ के बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में उन्होंने नक्सलमुक्त भारत के लिए प्रधानमंत्री Narendra Modi का आभार जताते हुए कहा कि अब अगला लक्ष्य इन क्षेत्रों को देश के विकसित इलाकों के बराबर लाना है।
बैठक में विष्णु देव साय, मोहन यादव, योगी आदित्यनाथ और पुष्कर सिंह धामी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल, विकास योजनाओं की समीक्षा और क्षेत्रीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई।
गृह मंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में सरकार ने “Whole of the Government Approach” के तहत सुरक्षा अभियान के साथ-साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और संचार जैसी सुविधाओं को भी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल नक्सलवाद खत्म करना ही अंतिम लक्ष्य नहीं है, बल्कि इन इलाकों को विकास की मुख्यधारा में लाना असली जीत होगी।
बैठक में क्षेत्रीय परिषदों की बढ़ती सक्रियता पर भी जोर दिया गया। गृह मंत्री ने बताया कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच जहां परिषद की केवल 11 बैठकें हुई थीं, वहीं 2014 से 2026 के बीच इनकी संख्या बढ़कर 32 हो गई है। चर्चित मुद्दों और उनके समाधान में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि आज मध्य क्षेत्र के राज्यों के बीच और केंद्र के साथ लगभग सभी विवाद समाप्त हो चुके हैं, जो सहकारी संघवाद की बड़ी सफलता है।
गृह मंत्री ने कुपोषण, स्कूल ड्रॉपआउट, ग्रामीण विकास, वित्तीय समावेशन और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर राज्यों से तेजी से काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि POCSO और दुष्कर्म मामलों में समय पर DNA जांच और त्वरित सुनवाई से दोषसिद्धि दर को काफी बढ़ाया जा सकता है। साथ ही अदालतों में लंबित पांच वर्ष से अधिक पुराने मामलों के निपटारे के लिए विशेष अदालतें गठित करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने राज्यों से 1930 साइबर हेल्पलाइन को आधुनिक बनाने और कॉल सेंटर को केंद्र सरकार के प्रारूप के अनुरूप अपडेट करने की अपील भी की। मिलावटखोरी के मामलों में कड़ी कार्रवाई और दोषियों की सार्वजनिक जानकारी साझा करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के अंत में गृह मंत्री ने कहा कि जिस तरह देश ने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक जीत हासिल की है, उसी प्रकार अब लक्ष्य यह होना चाहिए कि वर्ष 2029 से पहले हर आपराधिक मुकदमे को सुप्रीम कोर्ट स्तर तक तय समय में पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत की जाए।
बस्तर में आयोजित यह बैठक केवल प्रशासनिक आयोजन नहीं रही, बल्कि यह उस बदलते बस्तर की तस्वीर बनकर उभरी, जहां कभी बंदूक की गूंज थी और आज विकास, विश्वास और लोकतंत्र की आवाज सुनाई दे रही है।

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