पुणे। 26जून2026चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस को एक अहम सुराग मिला है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी चेतन चौधरी ने अपनी लोकेशन ट्रेस होने से बचने के लिए घटना वाले दिन अपना मोबाइल फोन दुकान पर ही छोड़ दिया था और बिना फोन के लोहगढ़ किले की ओर रवाना हुआ। पुलिस का मानना है कि यह कदम पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा हो सकता है।
जांच के दौरान पुलिस ने चेतन की दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी का बयान भी दर्ज किया है। कर्मचारी के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। मोबाइल की लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल सबूतों की गहन जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के दिन किसने क्या भूमिका निभाई।
गौरतलब है कि शुरुआत में केतन अग्रवाल की मौत को एक दुर्घटना माना गया था, लेकिन परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और अब एक-एक पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यदि आरोपी ने सचमुच लोकेशन छिपाने के इरादे से मोबाइल पीछे छोड़ा था, तो यह घटना पूर्व नियोजित होने की आशंका को और मजबूत करता है। हालांकि पुलिस ने अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है और मामले की जांच लगातार जारी है। आने वाले दिनों में तकनीकी रिपोर्ट और अन्य सबूत इस हाई-प्रोफाइल केस में कई और अहम खुलासे कर सकते हैं।