रायपुर, 26 जून 2026।
छत्तीसगढ़ में खेती को आधुनिक और अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी पहल के तहत नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे आधुनिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे कम लागत में बेहतर खेती की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं। इसका असर अब प्रदेश के गांवों में भी दिखाई देने लगा है, जहां किसान नई तकनीक अपनाकर सकारात्मक परिणाम हासिल कर रहे हैं।
कोरबा जिले के जपेली गांव के किसान रतन सिंह इस बदलाव की एक मिसाल बनकर उभरे हैं। करीब साढ़े चार एकड़ भूमि पर खेती करने वाले रतन सिंह ने पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाने का फैसला किया। कृषि विभाग से जानकारी और मार्गदर्शन मिलने के बाद उन्होंने पिछले वर्ष पहली बार नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग किया। उनका अनुभव उत्साहजनक रहा और उन्होंने फसलों की वृद्धि में स्पष्ट सुधार महसूस किया।
रतन सिंह का कहना है कि नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि कम मात्रा में उपयोग होने के बावजूद ये प्रभावी परिणाम देते हैं। इससे खेतों में पोषक तत्वों का बेहतर संतुलन बना रहता है और उर्वरकों के परिवहन, भंडारण तथा उपयोग में भी आसानी होती है। इससे खेती अधिक व्यवस्थित और वैज्ञानिक तरीके से करना संभव हो रहा है।
सकारात्मक अनुभव के बाद रतन सिंह ने इस खरीफ सीजन के लिए भी नैनो डीएपी और नैनो यूरिया की व्यवस्था कर ली है। उनका मानना है कि बदलते समय में आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाना ही खेती को लाभकारी और टिकाऊ बना सकता है। वे अन्य किसानों से भी अपील करते हैं कि नई तकनीकों की जानकारी लेकर उन्हें अपने खेतों में अपनाएं, ताकि कम खर्च में बेहतर उत्पादन हासिल किया जा सके।
रतन सिंह ने किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों को पहुंचाने और नवाचार आधारित खेती को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार भी व्यक्त किया। उनका मानना है कि वैज्ञानिक सोच और आधुनिक तकनीक ही भविष्य की समृद्ध खेती की मजबूत नींव है।
नई तकनीक से बदली खेती की तस्वीर: नैनो उर्वरकों ने बढ़ाया किसानों का भरोसा, कम लागत में बेहतर उत्पादन की राह