बस्तर जिले के लोहांडीगुड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत धुरागांव में आयोजित सुशासन शिविर प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली की मिसाल बन गया। शिविर के दौरान 15 वर्षीय दिव्यांग किशोर योगेश मंडावी को तत्काल दिव्यांग पेंशन की सौगात मिली, जिससे उसके परिवार के चेहरे पर खुशी लौट आई।
धुरागांव निवासी थबीर राम मंडावी अपने बेटे योगेश को लेकर शिविर में पहुंचे थे। योगेश पैर से दिव्यांग है और लंबे समय से सरकारी सहायता की उम्मीद लगाए बैठा था। शिविर में मौजूद अधिकारियों ने जैसे ही उसकी समस्या सुनी, तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। अधिकारियों ने मौके पर ही आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी कर दिव्यांग पेंशन का प्रकरण तैयार किया और उसी दिन पेंशन स्वीकृत कर दी।
प्रशासन ने केवल पेंशन मंजूर करने तक ही पहल सीमित नहीं रखी, बल्कि योगेश और उसके पिता के संयुक्त नाम से बैंक खाता भी खुलवाया गया, ताकि पेंशन की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से खाते में पहुंच सके। त्वरित कार्रवाई से योगेश और उसका परिवार भावुक नजर आया। पेंशन स्वीकृत होने की जानकारी मिलते ही योगेश के चेहरे पर मुस्कान साफ दिखाई दी।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि सुशासन शिविर वास्तव में लोगों की समस्याओं के समाधान का माध्यम बन रहे हैं। यह पहल जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
सुशासन शिविर में दिव्यांग किशोर को मिली बड़ी राहत, मौके पर स्वीकृत हुई पेंशन