जगदलपुर, 10 मई 2026।
बस्तर के मेधावी बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रविवार को देखने को मिला, जब ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालय में कक्षा 9वीं प्रवेश हेतु चयन परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत आयोजित इस परीक्षा में जिले भर से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर पहला मजबूत कदम बढ़ाया।
जगदलपुर स्थित निर्मल विद्यालय को परीक्षा का प्रमुख केंद्र बनाया गया था, जहां सुबह से ही परीक्षार्थियों और अभिभावकों की भीड़ देखने को मिली। विद्यार्थियों में परीक्षा को लेकर खासा उत्साह नजर आया। प्रशासन द्वारा परीक्षा केंद्र में बैठने, पेयजल, सुरक्षा और मार्गदर्शन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं, जिससे विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जानकारी के अनुसार जिले में कुल 1455 विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीयन कराया था, जिनमें से 1192 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 263 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा प्रक्रिया सुबह ओएमआर शीट भरने से शुरू हुई और इसके बाद निर्धारित समय में मुख्य परीक्षा आयोजित की गई।
परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहा। कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर मनीष वर्मा तथा आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त गणेश राम सोरी ने परीक्षा केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने केंद्रों का भ्रमण कर शांतिपूर्ण संचालन सुनिश्चित किया।
‘प्रयास’ योजना के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा के साथ मेडिकल, इंजीनियरिंग, सीए, सीएस, क्लैट और एनडीए जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की विशेष तैयारी कराई जाती है। यही कारण है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए यह परीक्षा उनके सपनों को नई उड़ान देने वाला बड़ा अवसर मानी जाती है।
प्रशासनिक निगरानी और बेहतर व्यवस्थाओं के बीच परीक्षा का सफल आयोजन इस बात का संकेत है कि बस्तर के प्रतिभावान बच्चों को अब राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए मजबूत शैक्षणिक माहौल तैयार किया जा रहा है।
प्रयास परीक्षा में दिखा बस्तर के बच्चों का जुनून, 1192 विद्यार्थियों ने लिखी सपनों की नई इबारत