6मई 2026
जगदलपुर। बस्तर संभाग में सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर अब आम लोगों के लिए राहत का बड़ा मंच बनते जा रहे हैं। जगदलपुर विकासखंड के मारकेल और बकावंड के कोलावल में लगे शिविरों में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सीधे ग्रामीणों से संवाद कर समस्याओं के समाधान की पहल की, वहीं योजनाओं की जानकारी भी घर-घर तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
मारकेल में आयोजित शिविर में सांसद महेश कश्यप और विधायक किरण सिंह देव ने भाग लेकर इस पहल को जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है। जनप्रतिनिधियों ने लोगों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें।
वहीं कोलावल शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप ने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि असली विकास तभी संभव है, जब प्रशासन गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं को समझे और मौके पर ही समाधान करे। उन्होंने इस पहल को शासन और जनता के बीच मजबूत सेतु बताया।
शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और अपनी समस्याएं दर्ज कराईं। मारकेल में 19 पंचायतों से आए लोगों के कुल 89 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि कोलावल में 13 पंचायतों से 76 आवेदन सामने आए। दोनों जगह विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी और मौके पर ही कई समस्याओं का निराकरण भी किया गया।
मारकेल शिविर के दौरान लगभग 2 करोड़ 65 लाख रुपए की लागत से 30 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया, जिससे क्षेत्र में विकास की नई गति मिलने की उम्मीद है।
इस दौरान कई हितग्राहियों ने मंच पर आकर अपने अनुभव साझा किए। किसी ने मत्स्य पालन से आत्मनिर्भर बनने की कहानी सुनाई, तो किसी ने डेयरी योजना और मातृत्व योजनाओं से जीवन में आए बदलाव को बताया। लोगों ने कहा कि सरकारी योजनाओं से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और जीवन स्तर बेहतर हुआ है।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को सामग्री भी वितरित की गई। मछुआरों को जाल और आइसबॉक्स, मरीजों को आयुष्मान कार्ड और पोषण सामग्री, बुजुर्गों को पेंशन लाभ, किसानों को किताबें और स्कूली बच्चों को गणवेश व प्रमाण पत्र दिए गए।