जगदलपुर, 06 मई 2026।
जनगणना-2027 को सफल और पारदर्शी बनाने के लिए बस्तर जिले में प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी आकाश छिकारा के निर्देशन में जिलेभर में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, ताकि जनगणना से जुड़ी हर प्रक्रिया की निगरानी प्रभावी तरीके से की जा सके और किसी भी प्रकार की शिकायत का तुरंत समाधान हो।
जिला प्रशासन ने इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की है। खासतौर पर हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन के दौरान हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी सुरेश सिंह को सौंपी गई है, वहीं शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
ग्रामीण इलाकों—दरभा, तोकापाल, नानगुर, बास्तानार और लोहण्डीगुड़ा—में व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए नायब तहसीलदारों और राजस्व निरीक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर क्षेत्र में जनगणना का कार्य पूरी सटीकता और पारदर्शिता के साथ संपन्न हो।
कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी केवल डेटा संग्रह की निगरानी ही नहीं करेंगे, बल्कि आम जनता और फील्ड स्टाफ के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बनकर संवाद को भी सुगम बनाएंगे। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के संपर्क नंबर भी सार्वजनिक किए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति या तकनीकी समस्या के दौरान तत्काल सहायता मिल सके।
जनगणना-2027 को लेकर जिले में की जा रही यह तैयारी प्रशासन की गंभीरता और सजगता को दर्शाती है, जिससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि यह प्रक्रिया बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक पूरी होगी।
जनगणना-2027 की तैयारी तेज: बस्तर में कंट्रोल रूम का नेटवर्क, हर गतिविधि पर रहेगी नजर