24अप्रैल2026
छत्तीसगढ़ के कवर्धा से एक बेहद मार्मिक और झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां एक पति अपनी कैंसर से जूझ रही पत्नी को बचाने के लिए हर सीमा पार कर रहा है। बोड़ला क्षेत्र के एक ग्रामीण परिवार से ताल्लुक रखने वाला यह शख्स पिछले दो वर्षों से इलाज की जंग लड़ रहा है, लेकिन आर्थिक तंगी ने उसकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया है। हालात इतने खराब हो गए कि उसने अपनी साधारण बाइक को ही अस्थायी स्ट्रेचर में बदल दिया और उसी पर पत्नी को लिटाकर अस्पतालों और दफ्तरों के चक्कर काट रहा है।
बताया जा रहा है कि इलाज के लिए उसने अपनी जमीन, घर और जेवर तक बेच दिए, यहां तक कि बड़े शहर में इलाज कराने की कोशिश भी की, लेकिन राहत नहीं मिली। अब उसके पास न आय का कोई साधन बचा है और न ही कोई सहारा। हाल ही में वह अपनी पत्नी को इसी जुगाड़ वाले वाहन पर लिटाकर कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां अधिकारियों ने उसकी हालत देख तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया।
यह कहानी सिर्फ एक परिवार के दर्द की नहीं, बल्कि सिस्टम की उन कमियों को भी उजागर करती है, जहां गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। बावजूद इसके, इस पति की उम्मीद अब भी जिंदा है—उसे भरोसा है कि मदद जरूर मिलेगी और उसकी पत्नी की जिंदगी बचाई जा सकेगी।