न्यायिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और जनसुलभ बनाने पर दिया जोर, अधोसंरचना और ई-कोर्ट सुविधाओं का लिया जायजा
जगदलपुर, 18 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने शनिवार को अपने बस्तर प्रवास के दौरान जिला एवं सत्र न्यायालय, जगदलपुर का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न्यायालय परिसर में संचालित विभिन्न न्यायिक व्यवस्थाओं और अधोसंरचना का अवलोकन करते हुए न्यायिक सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और आमजन के लिए सुगम बनाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने न्यायालय परिसर में स्थित सिविल न्यायालय कक्ष, निर्माणाधीन भवन, परिवार न्यायालय, किलकारी केंद्र, डिजिटाइजेशन एवं स्कैनिंग कक्ष, प्रतिलिपि अनुभाग, फास्ट ट्रैक कोर्ट, ई-सेवा केंद्र, दिव्यांगजन शिकायत कक्ष, विशेष न्यायालय कक्ष, पीड़ित विश्राम कक्ष तथा ग्रंथालय भवन सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।
उन्होंने न्यायालय परिसर में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, अधोसंरचना विकास और न्यायिक सेवाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए। साथ ही इस बात पर विशेष जोर दिया कि न्यायालय में आने वाले वादकारियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और सुविधाजनक न्यायिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
निरीक्षण के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोविंद नारायण जांगड़े, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा, न्यायालय के अन्य न्यायाधीश, न्यायिक अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।
मुख्य न्यायाधीश का यह दौरा बस्तर में न्यायिक अधोसंरचना को सुदृढ़ करने और न्याय व्यवस्था को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम एवं जनहितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।