जगदलपुर, 18 जुलाई 2026।चेक बाउंस के मामलों में वर्षों से न्यायालयों के चक्कर लगा रहे लोगों को राहत दिलाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जगदलपुर ने विशेष लोक अदालत का आयोजन किया है। इस पहल के तहत पराक्रम्य लिखत अधिनियम (Negotiable Instruments Act) की धारा 138 के अंतर्गत दर्ज मामलों का आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से त्वरित निपटारा किया जा रहा है। इसका उद्देश्य लंबित मामलों की संख्या कम करने के साथ-साथ पक्षकारों को सरल, सुलभ और शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना है।
विशेष लोक अदालत में इस बार 387 चेक बाउंस प्रकरण सुनवाई और समझौते के लिए सूचीबद्ध किए गए हैं। इन मामलों के प्रभावी और समयबद्ध निपटारे के लिए 6 विशेष खंडपीठों का गठन किया गया है। प्रत्येक खंडपीठ में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता तथा संबंधित पक्षों की मौजूदगी में मामलों का परीक्षण किया जा रहा है, ताकि आपसी बातचीत के माध्यम से विवादों का समाधान निकाला जा सके।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत का मूल उद्देश्य मुकदमेबाजी को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि समझौते के जरिए विवादों का स्थायी समाधान करना है। यहां किसी एक पक्ष की जीत या हार नहीं होती, बल्कि दोनों पक्षों की सहमति से ऐसा समाधान निकाला जाता है, जिसे सभी स्वीकार कर सकें। इससे न केवल न्यायिक प्रक्रिया आसान होती है, बल्कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद भी समाप्त हो जाता है।
अधिकारियों के अनुसार चेक बाउंस के मामलों में अक्सर पक्षकारों को वर्षों तक न्यायालयों में पेशियां भुगतनी पड़ती हैं, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है। विशेष लोक अदालत इस समस्या का व्यावहारिक समाधान प्रदान करती है। यहां मामलों का निपटारा एक ही दिन में भी संभव हो जाता है, जिससे पक्षकारों को अनावश्यक कानूनी खर्च और मानसिक तनाव से राहत मिलती है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का कहना है कि इस विशेष लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में मामलों का सौहार्दपूर्ण निपटारा होने की उम्मीद है। इससे न केवल न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होगा, बल्कि लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास भी मजबूत होगा। प्राधिकरण ने सभी संबंधित पक्षकारों से अपील की है कि वे लोक अदालत में उपस्थित होकर आपसी सहमति से अपने विवादों का समाधान करें और इस वैकल्पिक न्याय व्यवस्था का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।