जगदलपुर18जुलाई 2026/बस्तर के वनांचल और कभी नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित निःशुल्क कोचिंग संस्थान ज्ञानगुड़ी के 47 विद्यार्थियों ने इस वर्ष राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) उत्तीर्ण कर शिक्षा के क्षेत्र में बस्तर का नाम पूरे प्रदेश में रोशन कर दिया है।
कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में संचालित ज्ञानगुड़ी में इस वर्ष 90 विद्यार्थियों ने नियमित कोचिंग प्राप्त की थी। इनमें से 47 छात्रों का एक साथ नीट परीक्षा में सफल होना बस्तर के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद विद्यार्थियों की यह सफलता क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक बन गई है।
नर्सिंग और अग्निवीर परीक्षा में भी शानदार प्रदर्शन
ज्ञानगुड़ी के विद्यार्थियों ने केवल नीट ही नहीं, बल्कि अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। राज्य स्तरीय नर्सिंग प्रवेश परीक्षा में छात्रा प्रेरणा ने पूरे छत्तीसगढ़ में 60वीं रैंक हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वहीं, देश सेवा का सपना देखने वाले 22 युवाओं ने अग्निवीर परीक्षा भी सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की है।
बदलते बस्तर की नई तस्वीर
ज्ञानगुड़ी की यह सफलता कोई पहली उपलब्धि नहीं है। पिछले वर्षों में भी इस पहल के माध्यम से सैकड़ों ग्रामीण और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षा और रोजगार के नए अवसर हासिल किए हैं। आदिवासी अंचलों के बच्चों की यह कामयाबी आज बस्तर की बदलती तस्वीर और शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता का प्रतीक बन गई है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दी बधाई
इस उल्लेखनीय सफलता पर सांसद महेश कश्यप, विधायक किरण सिंह देव, विनायक गोयल, महापौर संजय पांडे, बस्तर संभाग आयुक्त डोमन सिंह, कलेक्टर आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना, संयुक्त संचालक शिक्षा एच.आर. सोम और जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को बधाई दी है।
ज्ञानगुड़ी का यह शानदार परिणाम साबित करता है कि अवसर और सही मार्गदर्शन मिलने पर बस्तर के युवा किसी भी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकते हैं।