नई दिल्ली:21/02/2026
भारत और ब्राजील के संबंधों को नई दिशा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा के बीच शनिवार को हैदराबाद हाउस में उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने व्यापार, तकनीक, ऊर्जा, निवेश और वैश्विक सहयोग जैसे कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
राष्ट्रपति लूला के साथ लगभग 14 मंत्रियों और ब्राजील की प्रमुख कंपनियों के शीर्ष सीईओ का बड़ा प्रतिनिधिमंडल भारत आया, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक भरोसे का संकेत माना जा रहा है। भारत की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।
बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति लूला और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्तों को उनकी दूरदर्शी नेतृत्व से लंबे समय से लाभ मिलता रहा है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा दी है और हाल में आयोजित एआई समिट की गरिमा भी बढ़ाई है।
प्रधानमंत्री ने ब्राजील को लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बताते हुए अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से आगे ले जाने का लक्ष्य दोहराया। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन—जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, सुपरकंप्यूटिंग और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर—में सहयोग दोनों देशों के साथ-साथ ग्लोबल साउथ के लिए भी महत्वपूर्ण होगा।
ऊर्जा क्षेत्र में भी साझेदारी को मजबूत स्तंभ बताते हुए प्रधानमंत्री ने रिन्यूएबल एनर्जी, इथेनॉल ब्लेंडिंग और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस और आपदा-रोधी अवसंरचना से जुड़े प्रयासों में ब्राजील की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।
वहीं राष्ट्रपति लूला ने भारत और ब्राजील को वैश्विक दक्षिण की दो बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियां बताते हुए कहा कि यह साझेदारी एक डिजिटल सुपरपावर और एक रिन्यूएबल एनर्जी सुपरपावर के मिलन जैसी है। उन्होंने बहुपक्षवाद, शांति और सांस्कृतिक सहयोग को दोनों देशों के साझा मूल्य बताया।
राष्ट्रपति लूला 18 से 22 फरवरी तक भारत के राजकीय दौरे पर हैं और इस दौरान वे विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। उनके सम्मान में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा राजकीय भोज भी आयोजित किया जाएगा।
दौरे के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्राजील के राष्ट्रपति से अलग मुलाकात कर रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। साथ ही उन्होंने ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा से भी बातचीत की और मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह दौरा भारत-ब्राजील संबंधों को आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक स्तर पर नई ऊंचाई देने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।
भारत-ब्राजील रिश्तों को नई ऊर्जा: मोदी-लूला वार्ता में व्यापार, टेक्नोलॉजी और ऊर्जा सहयोग पर बड़ा फोकस