अबूझमाड़ का गौरव: मल्लखंब के नन्हे वीरों ने राष्ट्रपति के समक्ष रचा इतिहासराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ताली बजाकर सराहा साहस, अनुशासन और प्रतिभा

जगदलपुर, 7 फरवरी 2026।
छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल और लंबे समय तक संघर्षों के लिए पहचाने जाने वाले अबूझमाड़ ने शनिवार को अपनी प्रतिभा का परचम लहराकर इतिहास रच दिया। जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम के शुभारंभ समारोह में अबूझमाड़ मल्लखंब एंड स्पोर्ट्स एकेडमी के नन्हे खिलाड़ियों ने देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के समक्ष मल्लखंब की अद्भुत और साहसिक प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
हजारों स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच यह वह ऐतिहासिक क्षण था, जब पहली बार अबूझमाड़ क्षेत्र के बच्चों ने राष्ट्रपति के सामने एक साथ मल्लखंब का जीवंत प्रदर्शन किया। लकड़ी के खंभे पर असाधारण संतुलन, फुर्ती और कठिन करतबों से सजी इस प्रस्तुति ने मैदान में मौजूद दर्शकों को विस्मय से भर दिया। अनुशासन, तकनीकी दक्षता और अदम्य साहस की मिसाल बने इन नन्हे कलाकारों ने पूरे वातावरण को भावविभोर कर दिया।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु स्वयं बच्चों की प्रतिभा से अत्यंत प्रभावित नजर आईं। उन्होंने ताली बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया और साहस, कला एवं अनुशासन की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जड़ें नारायणपुर जिले के उन दुर्गम और बीहड़ इलाकों में हैं, जहां आज भी बुनियादी सुविधाएं सीमित हैं। कुटूर, करपा और परपा जैसे सुदूर वनांचलों से निकलकर इन बच्चों ने यह सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा न तो संसाधनों की मोहताज होती है और न ही भौगोलिक सीमाओं की।
इस संघर्षपूर्ण यात्रा के प्रेरणास्रोत मनोज प्रसाद हैं, जो एकेडमी के संस्थापक होने के साथ-साथ 16वीं बटालियन में आरक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उनके सतत मार्गदर्शन, अनुशासन और समर्पण के बल पर इन बच्चों ने अभावों को पीछे छोड़ते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
अबूझमाड़ के इन नन्हे मल्लखंब खिलाड़ियों ने ‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ का खिताब जीतकर और ‘रोमानियाज गॉट टैलेंट’ में उपविजेता बनकर पहले ही वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। भारत सहित विश्व के विभिन्न देशों में 40 से अधिक टेलीविजन शो, देशभर में सैकड़ों मंचीय प्रस्तुतियों और अनेक प्रतियोगिताओं में स्वर्ण एवं रजत पदक जीतकर यह दल निरंतर सफलता के नए आयाम गढ़ रहा है।
अब यह टीम अपनी मिट्टी की खुशबू, लोक-संस्कृति और अद्वितीय कौशल को और सशक्त रूप में सात समंदर पार ले जाने को तैयार है। एकेडमी का अगला लक्ष्य ‘अमेरिकाज गॉट टैलेंट’ और ‘ब्रिटेन्स गॉट टैलेंट’ जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर भारत और अबूझमाड़ की लोक-कला का प्रदर्शन करना है।
जगदलपुर में हुआ यह ऐतिहासिक प्रदर्शन न केवल अबूझमाड़ मल्लखंब एंड स्पोर्ट्स एकेडमी, बल्कि पूरे बस्तर और छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। यह आयोजन ‘बदलते बस्तर’ की उस सशक्त तस्वीर को सामने लाता है, जहां संघर्ष की धरती से प्रतिभा के नए सितारे उभर रहे हैं

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