गाजियाबाद सुसाइड केस: कोरियन कल्चर की दीवानगी, पारिवारिक तनाव और मोबाइल विवाद—9वीं मंज़िल से कूदकर 3 बहनों की मौत, कई सवालों में उलझी जांच

गाजियाबाद, 4 फरवरी 2026।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां तीन नाबालिग बहनों ने एक साथ नौवीं मंज़िल से कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक बहनों की पहचान निशिका (16 वर्ष), प्राची (14 वर्ष) और पाखी (12 वर्ष) के रूप में हुई है। यह घटना भारत सिटी स्थित बी-1 टॉवर के फ्लैट नंबर 907 की है।
शुरुआती तौर पर मामला कथित कोरियन टास्क-बेस्ड गेम से जुड़ा बताया गया था, लेकिन करीब 10 घंटे की गहन छानबीन के बाद जांच में पारिवारिक तनाव, मोबाइल छीने जाने और मानसिक दबाव जैसे पहलू सामने आए हैं।
कोरियन कल्चर में इस कदर ढल गई थीं बच्चियां
पुलिस और परिजनों के अनुसार, कोविड काल (2020) के दौरान स्कूल छूटने के बाद तीनों बहनों का झुकाव कोरियन मूवी, म्यूजिक और वेब-सीरीज़ की ओर बढ़ता गया। बीते छह वर्षों में वे इस संस्कृति से इतनी प्रभावित हो गईं कि खुद को भारतीय की बजाय कोरियन मानने लगी थीं।
उन्होंने अपने नाम तक बदल लिए थे, कोरियन पहनावा अपनाया, खाना-बातचीत का तरीका बदला और इंटरनेट के जरिए कोरियाई भाषा भी सीख ली थी। घर में आपस में वे कोरियन भाषा में ही बातचीत करती थीं।
यूट्यूब चैनल और मोबाइल बना विवाद की वजह
तीनों बहनों ने मिलकर एक यूट्यूब चैनल बनाया था, जिस पर कोरियन कल्चर आधारित कंटेंट अपलोड किया जाता था। पढ़ाई में रुचि कम होने और लगातार मोबाइल उपयोग को लेकर पिता चेतन ने उन्हें डांटा और मोबाइल फोन छीन लिए। बताया गया है कि एक माह पहले बहनों ने अपना यूट्यूब चैनल खुद ही डिलीट कर दिया था।
डायरी में मिले 18 पन्नों के सुसाइड नोट
जिस कमरे में तीनों बहनें सोती थीं, वहां से पुलिस को एक डायरी मिली है, जिसके 18 पन्नों में सुसाइड नोट लिखा बताया जा रहा है। नोट में कथित तौर पर लिखा है—
“मम्मी-पापा सॉरी… हम गेम नहीं छोड़ पा रहे थे। अब आपको एहसास होगा कि हम उससे कितना प्यार करते थे।”
हालांकि पुलिस नोट की प्रमाणिकता और मानसिक स्थिति की जांच कर रही है।
घटना की रात क्या हुआ
परिजनों के मुताबिक, 3 फरवरी की रात करीब डेढ़ बजे तीनों बहनों ने अपनी मां के गाल चूमे, “आई लव यू” कहा और कमरे से बाहर चली गईं। इसके बाद उन्होंने पूजा वाले कमरे से बालकनी तक पहुंचकर यह कदम उठाया। घटना के वक्त कमरे का दरवाज़ा अंदर से बंद था, जिसे बाद में तोड़ा गया।
परिवारिक कलह भी जांच के घेरे में
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि पिता चेतन को कारोबार में भारी नुकसान हुआ था, जिससे परिवार में तनाव रहता था। पति-पत्नी के रिश्तों और घरेलू विवादों को लेकर भी पड़ोसियों के बयान दर्ज किए गए हैं।
पुलिस के सामने 5 बड़े सवाल
इस मामले में पुलिस कई अहम सवालों के जवाब तलाश रही है—
बालकनी की संरचना और छलांग की स्थिति
शवों के गिरने की दिशा और दूरी
प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों में विरोधाभास
घटना से पहले परिवार में हुए कथित झगड़े
परिजनों का व्यवहार और बयान
एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है, लेकिन सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य और पारिवारिक पृष्ठभूमि के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

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