जगदलपुर, 2 फरवरी 2026।
बस्तर जिले में स्कूली एवं महाविद्यालयीन परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए सख्त निर्णय लिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री आकाश छिकारा ने विद्यार्थियों को शांत और अनुकूल अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूरे जिले में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर कड़े प्रतिबंध के आदेश जारी किए हैं, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सुबह 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक लाउडस्पीकर, डीजे तथा तीव्र ध्वनि उत्पन्न करने वाले अन्य उपकरणों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन का कहना है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 की वार्षिक परीक्षाएं नजदीक हैं और ऐसे समय में किसी भी प्रकार का शोर-शराबा विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा बन सकता है।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कोलाहल नियंत्रण अधिनियम की धारा 15 के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, सामाजिक एवं अपरिहार्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह प्रावधान रखा गया है कि यदि किसी विशेष प्रयोजन के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग अत्यंत आवश्यक हो, तो संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी अथवा नगर दण्डाधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। सक्षम अधिकारी परिस्थितियों का परीक्षण कर सीमित अवधि के लिए अनुमति प्रदान कर सकेंगे।
यह आदेश पूरे परीक्षा काल तक प्रभावशील रहेगा।
परीक्षा काल में बस्तर में ‘कोलाहल’ पर सख्ती, छात्रों की पढ़ाई के लिए लाउडस्पीकर–डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध