जगदलपुर, बस्तर जिले में अवैध खनन और खनिज परिवहन में संलिप्त माफियाओं पर शिकंजा कसते हुए जिला प्रशासन ने बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशों तथा खनि अधिकारी शिखर चेरपा के नेतृत्व में जिला खनिज जांच दल ने 27 से 29 जनवरी के बीच विशेष औचक निरीक्षण अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों में लिप्त कुल 8 वाहनों को जब्त किया है।
इस दौरान कोड़ेनार, बस्तर, बनियागांव, बकावंड और परपा क्षेत्रों में ताबड़तोड़ दबिश दी गई। जांच में गौण खनिज चूनापत्थर एवं रेत का अवैध परिवहन करते हुए 5 हाईवा और 2 टिप्पर को रंगे हाथों पकड़ा गया, जिन्हें पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। वहीं 29 जनवरी को अवैध उत्खनन प्रकरण में एक भारी-भरकम चैन माउंटेन पोकलेन मशीन को भी जब्त किया गया। पकड़े गए वाहनों के चालक एवं मालिक बस्तर, तोकापाल, बिलासपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के बताए जा रहे हैं, जो बिना वैध दस्तावेजों के खनिज संपदा का परिवहन कर रहे थे।
अभियान के दौरान सबसे गंभीर मामला तहसील बकावंड के बनियागांव क्षेत्र में सामने आया, जहाँ रेत के अवैध उत्खनन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जांच दल ने पाया कि भस्कली नदी के तट पर, जो छत्तीसगढ़ और ओडिशा की अंतर्राज्यीय सीमा से सटा हुआ है, बड़े पैमाने पर नियमों को ताक पर रखकर रेत का उत्खनन किया जा रहा था। खनिज अमले ने तत्परता दिखाते हुए न केवल अवैध उत्खनन को तत्काल रोका, बल्कि पोकलेन मशीन की सहायता से उस मार्ग को भी पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया, जिसका उपयोग माफिया सीमा पार खनिज परिवहन के लिए कर रहे थे।
इस कार्रवाई में खनि अधिकारी शिखर चेरपा के साथ सहायक खनि अधिकारी जागृत गायकवाड़, खनि सिपाही श्री डिकेश्वर खरे एवं महादेव सेठिया की मैदानी स्तर पर अहम भूमिका रही। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब्त सभी 8 वाहनों पर छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमावली 2015 के नियम 71 तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने जिले के सभी खनिज ठेकेदारों और परिवहनकर्ताओं को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि बिना वैध अभिवहन पास के खनिज परिवहन गंभीर अपराध है। भविष्य में भी अवैध उत्खनन और परिवहन के विरुद्ध इस तरह के विशेष जांच अभियान लगातार जारी रहेंगे।
बस्तर में खनिज माफिया पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 5 हाईवा, 2 टिप्पर और पोकलेन मशीन जब्त