जगदलपुर, 23 जनवरी 2026/
छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में वर्षों से आवागमन की कठिनाइयों से जूझ रहे ग्रामीणों के लिए शनिवार का दिन नई उम्मीद और विकास की सौगात लेकर आया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के अंतर्गत प्रदेश में 12 नई बस सेवाओं का शुभारंभ किया, जिनमें से 3 बस सेवाएं बस्तर जिले को समर्पित की गईं।
रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, साइंस कॉलेज परिसर में आयोजित गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री ने बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही बस्तर के दुर्गम और वनांचल क्षेत्र अब परिवहन सुविधा के माध्यम से विकास की मुख्यधारा से सीधे जुड़ गए हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग तथा यातायात नियमों के पालन की अपील की। उन्होंने नागरिकों से अपने परिवार और समाज को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक कर दुर्घटनाओं में कमी लाने में सहभागी बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस जवानों, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड कैडेट्स, चिकित्सकों, वाहन चालकों और पुलिस मितानों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में रायपुर से परिवहन मंत्री केदार कश्यप सहित जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, वहीं जगदलपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी, महापौर संजय पांडे, नगर निगम सभापति खेमसिंह देवांगन, अपर कलेक्टर सीपी बघेल एवं क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी डीसी बंजारे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
परिवहन विभाग की यह महत्वाकांक्षी पहल बस्तर के शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और व्यापार के लिए नए अवसर खोलने वाली साबित होगी। योजना के तहत लोहण्डीगुड़ा–बारसूर (60 किमी) मार्ग पर शुरू की गई बस सेवा ऐतिहासिक नगरी बारसूर को जिला मुख्यालय जगदलपुर से जोड़ेगी। यह बस सुबह 7:50 बजे बारसूर से चलकर सातधार और बिंता होते हुए 11 बजे चित्रकोट जलप्रपात तथा दोपहर तक जगदलपुर पहुंचेगी, जिससे पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों दोनों को लाभ मिलेगा।
वहीं लोहण्डीगुड़ा–एरमुर मार्ग पर शुरू हुई बस सेवा को वनांचल के ग्रामीणों के लिए जीवनरेखा माना जा रहा है। एरमुर से सुबह 7:30 बजे चलने वाली यह बस हर्राकोडेर, कुधूर और रतेंगा जैसे अंदरूनी गांवों से होते हुए सुबह 11 बजे जगदलपुर पहुंचेगी, जिससे ग्रामीणों का समय और श्रम दोनों की बचत होगी।
इसके अतिरिक्त रायकोट–जगदलपुर (39 किमी) मार्ग पर बस सेवा शुरू होने से कुरूषपाल और पोटानार जैसे गांवों के लिए विकास के नए रास्ते खुल गए हैं। यह सेवा विशेष रूप से छात्रों, कर्मचारियों और व्यापारियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत शुरू की गई ये सेवाएं न केवल बस्तर की कनेक्टिविटी को नई पहचान देंगी, बल्कि वनांचल के सामाजिक-आर्थिक विकास को भी गति प्रदान करेंगी।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से बस्तर को मिली 3 नई जीवनरेखाएंहरी झंडी के साथ दुर्गम इलाकों तक पहुंची परिवहन सुविधा