जगदलपुर, 30 सितंबर 2026। बस्तर जिले के विकासखंड बस्तर के ग्राम पंचायत मुंडापाल की बसंती कश्यप ने मेहनत और आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। कभी घर के सामान्य कामकाज तक सीमित रहने वाली बसंती आज मुर्गी पालन का व्यवसाय संचालित कर सफल लखपति दीदी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।
बसंती के अनुसार, महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आजीविका के नए अवसरों और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिली। समूह के माध्यम से मिले वित्तीय सहयोग और ऋण की मदद से उन्होंने मुर्गी पालन शुरू करने का निर्णय लिया।
उन्होंने सबसे पहले व्यवस्थित पोल्ट्री शेड तैयार कराया और उन्नत चूजे लाकर करीब दो से तीन महीने तक उनका पालन-पोषण किया। पहली बार मुर्गियों की बिक्री से उम्मीद से अधिक मुनाफा मिला। इससे बसंती का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने कमाई को दोबारा इसी व्यवसाय में लगाया।
धीरे-धीरे उन्होंने अपने पोल्ट्री फार्म का विस्तार किया और इससे होने वाली आमदनी में बढ़ोतरी हुई। आज बसंती न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि अपने पारा-मोहल्ले की अन्य महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
बसंती की कहानी ग्रामीण महिलाओं के लिए यह संदेश देती है कि अवसर, मेहनत और सही मार्गदर्शन के साथ घर से शुरू किया गया छोटा व्यवसाय भी आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन सकता है। केंद्र और राज्य सरकार की महिला आजीविका एवं सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से बस्तर की महिलाएं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।