जगदलपुर 14सितंबर 2026/बस्तर को रायपुर से रेल मार्ग से जोड़ने वाली रावघाट-जगदलपुर रेललाइन परियोजना को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। परियोजना के तहत जगदलपुर के पास प्रस्तावित रेललाइन स्थल का रेलवे और निर्माण एजेंसी की टीम ने संयुक्त निरीक्षण किया। अक्टूबर में परियोजना के भूमिपूजन की तैयारियां भी शुरू होने की जानकारी सामने आई है।
रेलवे इंजीनियरों और निर्माण एजेंसी जेएनएल की टीम ने अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान जगदलपुर से कुड़कानार तक प्रस्तावित रेलमार्ग का जायजा लिया। इस हिस्से में करीब 12 किलोमीटर रेललाइन के निर्माण के साथ पुल-पुलिया, मिट्टी कार्य और पल्ली व कुड़कानार में स्टेशन निर्माण जैसे काम किए जाने हैं। इन कार्यों के लिए निविदाएं पहले ही जारी की जा चुकी हैं।
140 किलोमीटर लंबी होगी रेललाइन
रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना की कुल लंबाई करीब 140 किलोमीटर है। इसके लिए आवश्यक 818 हेक्टेयर जमीन में से 249 हेक्टेयर का अधिग्रहण पूरा हो चुका है। बाकी भूमि अधिग्रहण और जरूरी स्वीकृतियों की प्रक्रिया जारी है।
परियोजना को 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्रीय बजट 2026-27 में इसके लिए 3513.11 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत का प्रावधान किया गया है।
पहले जगदलपुर से कोंडगांव तक बिछेगी पटरी
परियोजना के पहले चरण में जगदलपुर से कोंडगांव तक करीब 75 किलोमीटर रेललाइन बिछाने का काम प्रस्तावित है। इसके बाद दूसरे चरण में रेलमार्ग को रावघाट तक आगे बढ़ाया जाएगा। मार्ग का सर्वे और सीमांकन पूरा हो चुका है। बारिश समाप्त होने के बाद निर्माण गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।
जमीन और पर्यावरण से जुड़ी प्रक्रियाएं जारी
रेललाइन के लिए जमीन अधिग्रहण के साथ वन एवं पर्यावरण संबंधी आवश्यक स्वीकृतियों की प्रक्रिया भी चल रही है। रेलवे की ओर से सिग्नल और ओएचई सहित अन्य कार्यों के लिए भी निविदाएं जारी की गई हैं।
दल्लीराजहरा से रावघाट तक का हिस्सा तैयार
इस रेल परियोजना के पहले चरण में दल्लीराजहरा से रावघाट तक 95 किलोमीटर रेललाइन का निर्माण 1628 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हो चुका है। अब रावघाट से जगदलपुर के बीच रेल संपर्क विकसित होने से बस्तर को रायपुर और प्रदेश के अन्य हिस्सों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी पूरी होगी।
अक्टूबर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संभावित छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान इस परियोजना के भूमिपूजन या शिलान्यास की संभावना को लेकर भी चर्चा है। हालांकि कार्यक्रम की अंतिम पुष्टि संबंधित स्तर से होना बाकी है।