बीजापुर को सबसे ज्यादा 5 पुलों की सौगात, बस्तर और सुकमा में 3-3 तथा दंतेवाड़ा में 2 पुल होंगे निर्मित
बस्तर। 10सितम्बर 2026/बस्तर संभाग के दुर्गम और अंदरूनी इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत की खबर है। बारिश के दौरान नदी-नालों में उफान के कारण जिन गांवों का संपर्क अक्सर मुख्य मार्गों और जिला मुख्यालयों से टूट जाता है, वहां अब आवागमन की तस्वीर बदलने की तैयारी है। लोक निर्माण विभाग (सेतु), जगदलपुर संभाग के अंतर्गत करीब 200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 13 नए पुल-पुलियों का निर्माण कराया जाएगा।
इन पुलों के निर्माण से बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर जिले के अनेक ग्रामीण इलाकों को सालभर बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। इसका सीधा लाभ ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बाजार, रोजगार और दैनिक आवागमन के क्षेत्र में मिलेगा।
बीजापुर में सबसे ज्यादा 5 पुल
स्वीकृत 13 पुलों में से 5 पुल बीजापुर, जबकि 3-3 पुल बस्तर और सुकमा तथा 2 पुल दंतेवाड़ा जिले में बनाए जाएंगे। बस्तर जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में यह परियोजना ग्रामीण कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बारिश के दिनों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों का संपर्क कट जाता है। ऐसे में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना, बच्चों का स्कूल जाना और किसानों का अपनी उपज बाजार तक ले जाना मुश्किल हो जाता है। नए पुल इन समस्याओं को काफी हद तक दूर करने में मदद करेंगे।
धीमे निर्माण कार्य पर विभाग सख्त
नई परियोजनाओं के साथ चल रहे निर्माण कार्यों की गति पर भी विभाग की नजर है। लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग, जगदलपुर के कार्यपालन अभियंता करण पंदरीला ने बस्तर जिले के बिन्ता-सतसपुर से धर्माबेड़ा एवं खड़कघाट में चल रहे पुल निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी जताई है। उन्होंने संबंधित ठेकेदार को निर्माण कार्य में तेजी लाने और इसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
पुल सिर्फ रास्ता नहीं, विकास की नई कड़ी
अधिकारियों के अनुसार, बस्तर के अंदरूनी क्षेत्रों में सड़क और पुलों का मजबूत नेटवर्क तैयार होने से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। बेहतर संपर्क से कृषि उपज बाजार तक आसानी से पहुंचेगी, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं व प्रशासनिक सुविधाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।
सबसे अहम बात यह है कि आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में भी बेहतर कनेक्टिविटी बड़ी भूमिका निभाएगी। ऐसे में 13 नए पुल बस्तर के दूरस्थ गांवों के लिए सिर्फ कंक्रीट के ढांचे नहीं, बल्कि विकास और बेहतर भविष्य की नई राह साबित हो सकते हैं।