जगदलपुर, 5 सितंबर 2026। शिक्षक दिवस के अवसर पर जगदलपुर के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी टाउन हॉल में संभाग स्तरीय ‘मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह’ गरिमामय माहौल में आयोजित हुआ। जिला प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुए समारोह में बस्तर संभाग के सातों जिलों से चयनित 74 उत्कृष्ट प्राचार्यों, संस्था प्रमुखों, व्याख्याताओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि बस्तर सांसद महेश कश्यप ने शिक्षकों को समाज और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव बताते हुए कहा कि गुरु ही ज्ञान का प्रकाश देकर व्यक्ति को सही दिशा दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर के बच्चों को संस्कार, शिक्षा और सही मार्गदर्शन देकर राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। सांसद ने कहा कि बस्तर लंबे समय तक नक्सल हिंसा और पिछड़ेपन से प्रभावित रहा, लेकिन अब क्षेत्र शांति और विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2031 तक बस्तर देश के सबसे विकसित संभागों में अपनी पहचान बनाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जगदलपुर नगर निगम महापौर संजय पाण्डे ने कहा कि तकनीक, मोबाइल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में भी संस्कारी और चरित्रवान नागरिक का निर्माण केवल गुरु के सानिध्य में ही संभव है। उन्होंने गुरु को उस दीपक के समान बताया, जो स्वयं जलकर दूसरों के जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलाता है।
जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप ने कहा कि माता-पिता बच्चों को जन्म देते हैं, लेकिन उनके भविष्य को दिशा देने और संस्कारवान बनाने में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मार्गदर्शन से बस्तर के बच्चे शिक्षा के साथ खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
समारोह में जगदलपुर जिले के सातों विकासखंडों से चयनित 21 शिक्षकों को ‘शिक्षा दूत सम्मान’ दिया गया। वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले तीन शिक्षकों को ‘ज्ञान दीप सम्मान’ से सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षकों को सम्मान निधि के साथ शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
संभाग स्तर पर सातों जिलों के 32 विकासखंडों से चयनित 32 प्राथमिक और 32 माध्यमिक शालाओं के उत्कृष्ट प्रधान पाठकों को भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा सात उत्कृष्ट प्राचार्यों और तीन व्याख्याताओं को ‘शिक्षा श्री सम्मान’ प्रदान किया गया। समारोह में पिछले एक वर्ष के दौरान सेवानिवृत्त हुए जिले के 105 शिक्षकों और कर्मचारियों को भी उनके दीर्घकालीन योगदान के लिए शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, जिला कमिश्नर (स्काउट गाइड) सुरेश गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य निर्देश दीवान, शकुंतला कश्यप, बिंदु साहू, बस्तर जनपद पंचायत अध्यक्ष संतोष बघेल, जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना, शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक एचआर सोम, जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल, जिला मिशन समन्वयक अशोक पाण्डे सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।