रायपुर। 22अगस्त 2026/शहर के पास नकटी गांव स्थित ब्लू वाटर खदान अपनी खूबसूरती के कारण लोगों को आकर्षित करती है, लेकिन यही जगह अब जानलेवा साबित हो रही है। खदान में एक बार फिर युवक के डूबने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मौदहापारा निवासी आदिल खान बुधवार को तीन दोस्तों के साथ ब्लू वाटर खदान पहुंचा था। बताया जा रहा है कि तैरकर खदान पार करने की शर्त के दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना के बाद SDRF की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी है, लेकिन 36 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद शव बरामद नहीं हो सका है।
400 फीट गहरी खदान, 60 फीट तक पहुंची SDRF
खदान की गहराई करीब 400 फीट तक बताई जा रही है। तलाशी अभियान के दौरान SDRF की टीम लगभग 60 फीट की गहराई तक ही पहुंच सकी। अधिक गहराई और पानी की स्थिति के कारण रेस्क्यू टीम को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
2017 से लगातार हो रहे हादसे
ब्लू वाटर खदान में डूबने की यह पहली घटना नहीं है। उपलब्ध घटनाओं के अनुसार 2017 से अब तक कई युवा यहां जान गंवा चुके हैं। इनमें 2017 में 17 वर्षीय सुनैना, मई 2019 में 17 वर्षीय मोहन बाघ, मार्च 2023 में दो युवक और जून 2023 में नदीम, फैजल व शहबाज की मौत शामिल है।
अक्टूबर 2025 में भी स्कूल से पहुंचे बच्चों में से जयेश साहू और मृदुल की गहरे पानी में डूबने से मौत हुई थी। अब आदिल खान के डूबने की घटना ने एक बार फिर सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नीला पानी खींचता है लोगों को
खदान का पानी साफ और नीला दिखाई देता है, इसी वजह से इसे ‘ब्लू वाटर’ कहा जाने लगा। बारिश के मौसम में यहां पानी बढ़ने के बाद यह जगह तालाब जैसी नजर आती है और बड़ी संख्या में लोग घूमने या नहाने पहुंच जाते हैं।
लगातार हो रहे हादसों के बावजूद खदान के खतरनाक हिस्सों की पर्याप्त घेराबंदी और चेतावनी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर मांग है कि प्रशासन यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करे, ताकि खूबसूरत दिखने वाली यह जगह किसी और परिवार के लिए मातम का कारण न बने।