होमगार्ड और फॉरेस्ट गार्ड में नौकरी लगवाने का देता था झांसा, 5 लोगों से लाखों रुपये ऐंठे; मोबाइल बंद कर हो गया था फरार
जगदलपुर, 15 अगस्त 2026।
बस्तर जिले में नौकरी लगाने के नाम पर बेरोजगारों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने होमगार्ड और फॉरेस्ट गार्ड के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर कई लोगों से कुल 8 लाख 95 हजार रुपये लिए। विश्वास में लेने के लिए वह होमगार्ड और फॉरेस्ट विभाग में अपनी अच्छी पहचान होने का दावा करता था और कई बार वर्दी दिखाकर नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाता था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान कृष्ण कुमार वैष्णव (38), निवासी आड़ावाल, जगदलपुर के रूप में हुई है। शिकायत के बाद पुलिस ने उसे उसके घर से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी द्वारा पैसे लेने की बात स्वीकार किए जाने और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे 14 अगस्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
चार लोगों से ऐंठे लाखों रुपये
मामले की शिकायत मावलीगुड़ा निवासी 27 वर्षीय नीरबत्ती कश्यप ने थाना कोतवाली में दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार आरोपी ने फॉरेस्ट एवं होमगार्ड विभाग में नौकरी लगाने के नाम पर अलग-अलग लोगों से रकम ली।
पुलिस के अनुसार रकम का विवरण इस प्रकार है—
- शिकायतकर्ता से 1.50 लाख रुपये
- परमेश्वर नेताम से 2.05 लाख रुपये
- सरिता बघेल से 3.92 लाख रुपये
- सोनधर कश्यप से 70 हजार रुपये
इस तरह कुल 8.95 लाख रुपये की रकम आरोपी द्वारा फोन-पे और नगद माध्यम से लिए जाने की बात सामने आई है।
वर्दी दिखाकर पैदा करता था भरोसा
आरोपी पर आरोप है कि वह नौकरी दिलाने के अपने दावे को मजबूत करने के लिए पीड़ितों को विभाग में अपनी पहचान और पहुंच होने की बात बताता था। इतना ही नहीं, वर्दी दिखाकर वह लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश करता था, जिससे पीड़ित उसके झांसे में आ गए और नौकरी की उम्मीद में बड़ी रकम दे बैठे।
रकम लेने के बाद जब नौकरी नहीं लगी तो पीड़ितों ने आरोपी से संपर्क करने का प्रयास किया। इसी दौरान आरोपी ने अपना मोबाइल बंद कर दिया और फरार हो गया।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने शुरू की तलाश
मामला सामने आने के बाद थाना कोतवाली में आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश करते हुए उसके ठिकाने की जानकारी जुटाई और उसे आड़ावाल स्थित उसके घर से हिरासत में लिया।
पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पहले से भी दर्ज हैं कई मामले
पुलिस के अनुसार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह पूर्व में ठगी और मारपीट सहित सात अपराधों में संलिप्त रह चुका है और हिस्ट्रीशीटर बताया गया है। पुलिस का कहना है कि कई बार जेल जाने के बावजूद आरोपी के अपराधों में संलिप्त रहने का सिलसिला नहीं रुका।
बेरोजगार युवाओं से अपील—नौकरी के नाम पर पैसे न दें
इस मामले ने एक बार फिर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर होने वाली ठगी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। बेरोजगार युवाओं और उनके परिजनों को किसी भी व्यक्ति के विभागीय संपर्क, पहचान या वर्दी दिखाने मात्र से प्रभावित होकर पैसे देने से बचना चाहिए।
सरकारी नौकरी भर्ती प्रक्रिया निर्धारित नियमों और आधिकारिक माध्यमों से होती है। नौकरी लगवाने के नाम पर यदि कोई व्यक्ति पैसे की मांग करता है, तो उसके संबंध में तत्काल पुलिस या संबंधित विभाग को सूचना देना बेहद जरूरी है।
बस्तर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का अभियान लगातार जारी रहेगा।