सुकमा, 13 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर निकली ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ आज 13 अगस्त को सुकमा जिले के दुर्गम और कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे इलाकों से होकर गुजरेगी। यात्रा में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन एवं सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप भी शामिल होंगे।
बाइक पर तिरंगा लेकर निकलने वाली यह यात्रा बस्तर के उन इलाकों तक पहुंचेगी, जहां कभी नक्सल हिंसा का साया रहा है। यात्रा के जरिए क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, विकास और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया जा रहा है।
चिंगावरम से टेकलगुड़ेम तक पहुंचेगी यात्रा
13 अगस्त को यात्रा चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-टाड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर और टेकलगुड़ेम होते हुए आवापल्ली और फिर बीजापुर पहुंचेगी। बीजापुर में यात्रा का रात्रि विश्राम होगा।
शहीदों को श्रद्धांजलि, स्मृति में लगाए जाएंगे पौधे
यात्रा के दौरान शहीद स्थलों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बलिदान स्थलों पर पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा जाएगा और शहीद परिवारों का सम्मान किया जाएगा। साथ ही शहीद स्थलों की मिट्टी को संरक्षित कर प्रस्तावित शहीद संग्रहालय में रखा जाएगा।
हर घटना स्थल पर ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत जितने लोग शहीद हुए हैं, उतने पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा युवाओं और विद्यार्थियों से संवाद कर नशामुक्ति तथा साइबर सुरक्षा का संदेश भी दिया जाएगा।
महिला बाइकर्स समेत बड़ी संख्या में युवा होंगे शामिल
‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ में महिला बाइकर्स के साथ स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और जनप्रतिनिधि भी शामिल हो रहे हैं।
इससे पहले 12 अगस्त को यात्रा नारायणपुर से शुरू होकर बारसूर पहुंची थी। यहां उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने तिरंगा लेकर बाइक यात्रा में हिस्सा लिया और शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
‘बस्तर अब शांति और विकास की राह पर’
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर तिरंगा यात्रा पूरे बस्तर के विकास, शांति और राष्ट्रीय एकता की यात्रा है। उन्होंने युवाओं से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने की अपील की।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सरकार, सुरक्षा बलों और बस्तरवासियों के सहयोग से क्षेत्र में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है और अब बस्तर में विकास तथा विश्वास का नया माहौल बन रहा है।
तिरंगा यात्रा के माध्यम से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का संदेश भी दूरस्थ गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि जिन इलाकों में कभी राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगा फहराना चुनौती था, वहां आज लोग गर्व के साथ राष्ट्रध्वज फहरा रहे हैं—यह बस्तर में बदलते हालात की तस्वीर है।