जगदलपुर, 05 अगस्त 2026। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और समग्र विकास को नई गति देने के उद्देश्य से ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन’ के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय संभाग स्तरीय कार्यशाला का बुधवार को सफल समापन हुआ। शहीद गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय, कुम्हरावंड के ऑडिटोरियम में 03 से 05 अगस्त तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बस्तर संभाग के सातों जिलों के 490 निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने भाग लेकर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान, निमोरा (रायपुर) के मार्गदर्शन में आयोजित इस गैर-आवासीय कार्यशाला में विशेषज्ञों एवं मास्टर ट्रेनर्स ने जनप्रतिनिधियों को रोजगार गारंटी मिशन के उद्देश्य, कानूनी प्रावधानों तथा ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की योजना बनाने और उन्हें पारदर्शी ढंग से लागू करने की विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों एवं परिसंपत्तियों की पहचान, ग्रामसभा से अनुमोदन, तकनीकी स्वीकृति, कार्यों के क्रियान्वयन, जल संरक्षण, स्थायी रोजगार सृजन तथा दीर्घकालिक जनोपयोगी परिसंपत्तियों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यशाला में विभिन्न शासकीय योजनाओं के अभिसरण, शिकायत निवारण प्रणाली तथा सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया।
प्रशिक्षण के समापन पर जनप्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान और अनुभव बस्तर संभाग के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार गारंटी, आजीविका संवर्धन तथा ग्राम पंचायतों के समग्र और सतत विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।