धमतरी, 04 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित प्राचीन रुद्रेश्वर महादेव मंदिर अब प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। सावन के प्रथम सोमवार को चित्रोत्पला महानदी के तट पर पहली बार काशी की तर्ज पर भव्य महानदी गंगा आरती का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। 108 दीपों की महाआरती, वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटियों की गूंज से महानदी का तट भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। अब सावन के प्रत्येक सोमवार को यहां नियमित गंगा आरती आयोजित की जाएगी।
राज्य सरकार ने रुद्रेश्वर धाम के समग्र विकास के लिए करीब 20 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना तैयार की है। संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के माध्यम से तीन चरणों में विकसित होने वाली इस योजना में भव्य प्रवेश द्वार, मंदिर सौंदर्यीकरण, दीप स्तंभ, नंदी प्रतिमा, चौड़े पैदल मार्ग, विश्राम स्थल, फूड कोर्ट, डिजिटल सूचना प्रणाली, स्वास्थ्य केंद्र, दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं, सुरक्षित घाट, सांस्कृतिक मंडप, ओपन एयर स्टेज, रिवर फ्रंट कॉटेज, सौर ऊर्जा आधारित पार्किंग, ईवी चार्जिंग स्टेशन और वर्षा जल संचयन जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इस अवसर पर विधायक ओंकार साहू, महापौर जगदीश रामू रोहरा, कलेक्टर अबिनाश मिश्रा सहित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने आयोजन में भाग लेकर इसे धमतरी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को नई ऊंचाई देने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। सरकार का उद्देश्य रुद्रेश्वर धाम को ऐसा धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र बनाना है, जिससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिले, पर्यटन को नई गति मिले और धमतरी की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत हो।