रायपुर, 31 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के समग्र विकास का विजन प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने राजनांदगांव में प्रस्तावित 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना को शीघ्र मंजूरी, सुरक्षा कारणों से अब तक स्थायी बिजली से वंचित 461 गांवों को राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ने के लिए विशेष सहायता तथा रायपुर या बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना के लिए केंद्र सरकार से सहयोग मांगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुहिम’ के माध्यम से बस्तर के 5,542 गांवों में विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है, जिससे करीब 39 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के 421 स्कूल दोबारा शुरू किए गए हैं, स्वास्थ्य जांच अभियान के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग हुई है और जगदलपुर-रावघाट रेललाइन सहित सड़क, रेल व हवाई संपर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने बस्तर दशहरा को वैश्विक पर्यटन ब्रांड बनाने, चित्रकोट और तीरथगढ़ को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने तथा राज्य में मिल रहे 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की भी जानकारी दी। साथ ही उन्होंने वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित लखपति दीदी सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी को मुख्य अतिथि बनने का निमंत्रण भी दिया। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर के विकास को नई गति मिलेगी।
बस्तर के कायाकल्प का ब्लूप्रिंट लेकर पीएम मोदी से मिले सीएम साय, यूरिया प्लांट से लेकर 461 गांवों में बिजली तक रखी बड़ी मांग