बीजापुर, 31 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात गंभीर कर दिए हैं। इंद्रावती नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है, जबकि जिले के अधिकांश नदी-नाले उफान पर हैं। बाढ़ के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया है और बीजापुर धीरे-धीरे टापू में तब्दील होता नजर आ रहा है। रायगुड़ा के पास नेशनल हाईवे-63 पर पानी भरने से महाराष्ट्र से संपर्क टूट गया है, वहीं तारलागुड़ा के पास नेशनल हाईवे-163 जलमग्न होने से तेलंगाना जाने वाला मार्ग भी बंद हो गया है।
बाढ़ के बीच जिला प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया है। चन्द्रनगिरी समेत कई प्रभावित गांवों में आधी रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। प्रशासन, पुलिस, नगर सेना और एसडीआरएफ की टीमों ने नावों की मदद से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। उसूर विकासखंड के डल्ला गांव में बाढ़ में फंसी प्रसूता और नवजात शिशु का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं लंकापल्ली झरने के पास भारी बारिश में फंसे सात पर्यटकों को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया।
डिप्टी कलेक्टर जागेश्वर कौशल ने लोगों से उफनते पुलों और नदी-नालों को पार न करने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है। लगातार बारिश के चलते जिले में बाढ़ का खतरा अभी भी बना हुआ है और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।