सुकमा, 25 जुलाई 2026। नक्सल गतिविधियों के लिए चर्चित सुकमा जिले में अब पुलिस बदलती सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप अपनी तैयारियों को और मजबूत करने में जुटी है। इसी क्रम में जिला मुख्यालय स्थित पुलिस आरक्षी केंद्र में दंगा नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास के दौरान पुलिस जवानों ने प्रदर्शनकारी और सुरक्षा बल, दोनों की भूमिका निभाकर विभिन्न परिस्थितियों में कार्रवाई का प्रशिक्षण लिया।
मॉक ड्रिल में पहले काल्पनिक विरोध प्रदर्शन का दृश्य तैयार किया गया, जिसमें जवानों ने नारेबाजी और जुलूस निकालकर भीड़ के उग्र होने जैसी स्थिति का अभ्यास किया। इसके बाद बलवा रोधी दस्ते ने रणनीतिक तरीके से मोर्चा संभालते हुए भीड़ को नियंत्रित करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। इस दौरान सांकेतिक लाठीचार्ज, आंसू गैस के उपयोग और सुरक्षा घेरे की व्यवस्था जैसी गतिविधियां भी शामिल रहीं।
अभ्यास में रायट गियर, हेलमेट, शील्ड, लाठी और अन्य दंगा नियंत्रण उपकरणों के प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही जवानों को संवेदनशील परिस्थितियों में संयम बरतते हुए न्यूनतम बल प्रयोग, आम नागरिकों की सुरक्षा और त्वरित प्रतिक्रिया के तरीकों से भी अवगत कराया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बदलते सामाजिक और सुरक्षा परिदृश्य में ऐसे अभ्यास आवश्यक हैं, जिससे बल की तत्परता, समन्वय क्षमता और आपात स्थितियों में प्रभावी कार्रवाई की दक्षता बढ़ाई जा सके। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की ने बताया कि बलवा रोधी दस्ते की कार्यकुशलता को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास से किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
यह मॉक ड्रिल सुकमा पुलिस की उस तैयारी का हिस्सा है, जिसके तहत नक्सल चुनौती के साथ-साथ कानून-व्यवस्था संबंधी नई परिस्थितियों से निपटने के लिए पुलिस बल को आधुनिक और सक्षम बनाया जा रहा है।