30 जुलाई 2026 | गुवाहाटी। असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य में आई विनाशकारी बाढ़ से अब तक 75 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 3.32 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। चाराइदेव, शिवसागर, जोरहाट सहित कई जिलों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। हजारों परिवारों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है, वहीं बड़ी संख्या में गांव और कृषि भूमि जलमग्न हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में भारतीय सेना, वायुसेना, पुलिस और आपदा राहत बल लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। हेलीकॉप्टरों और नावों के माध्यम से लोगों तक भोजन, पेयजल, दवाइयां और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाई जा रही है। कई क्षेत्रों में जलभराव के कारण सांपों और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बाढ़ में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 9 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। राज्य सरकार ने राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के अनुसार, पानी उतरने के बाद सफाई, स्वास्थ्य सुरक्षा और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की बड़ी चुनौती सामने होगी।
असम में बाढ़ की इस त्रासदी ने लाखों लोगों का जीवन प्रभावित कर दिया है। सरकार और राहत एजेंसियां हालात सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
असम में बाढ़ का कहर: 75 लोगों की मौत, 3 लाख से अधिक प्रभावित, राहत-बचाव अभियान जारी