नई दिल्ली।23 जुलाई 2026 / देशभर में चर्चा का विषय बने NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच में एक अहम मोड़ आया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को मामले की आरोपी मनीषा संजय हवलदार के नए हैंडराइटिंग और हस्ताक्षर नमूने लेने की अनुमति दे दी है। जांच एजेंसी का मानना है कि इन नमूनों से पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों की पुष्टि हो सकती है।
जांच के दौरान सामने आए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच को मजबूत करने के लिए CBI ने अदालत से अतिरिक्त लिखावट नमूने लेने की मांग की थी। एजेंसी का कहना है कि अब तक जुटाए गए सबूतों का मिलान करने के लिए नए नमूनों की आवश्यकता है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि लीक हुए प्रश्नों और अन्य दस्तावेजों का संबंध आरोपी से है या नहीं।
जेल में ही होगी पूरी प्रक्रिया
अदालत ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया है कि निर्धारित अवधि के भीतर जेल परिसर में ही CBI अधिकारियों को आरोपी की लिखावट और हस्ताक्षर के नए नमूने लेने की अनुमति दी जाए। साथ ही पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी भी अनिवार्य की गई है।
मोबाइल से मिले सुराग, फिजिक्स के सवालों पर फोकस
जांच एजेंसी के अनुसार, मामले की पड़ताल में कुछ ऐसे डिजिटल सबूत सामने आए हैं जिनसे संकेत मिलता है कि परीक्षा से जुड़े प्रश्न हस्तलिखित रूप में साझा किए गए थे। मोबाइल फोन से बरामद तस्वीरों और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद CBI को शक है कि कुछ हस्तलिखित सामग्री का संबंध आरोपी से हो सकता है। इसी वजह से एजेंसी लिखावट का वैज्ञानिक मिलान कराना चाहती है।
बचाव पक्ष ने जताई आपत्ति
दूसरी ओर आरोपी पक्ष ने CBI की मांग का विरोध करते हुए कहा कि पहले ही पर्याप्त संख्या में लिखावट के नमूने लिए जा चुके हैं। बचाव पक्ष का तर्क है कि बार-बार नमूने लेने की आवश्यकता स्पष्ट नहीं की गई है और इससे आरोपी को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। हालांकि अदालत ने जांच के हित को प्राथमिकता देते हुए CBI की मांग स्वीकार कर ली।
जांच में खुल सकते हैं नए राज
विशेषज्ञों का मानना है कि हैंडराइटिंग और हस्ताक्षर का फोरेंसिक मिलान जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यदि दस्तावेजों और आरोपी की लिखावट में समानता पाई जाती है तो पेपर लीक नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में एजेंसी को बड़ी सफलता मिल सकती है।
NEET पेपर लीक मामले में यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि जांच अब केवल डिजिटल सबूतों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि हस्तलिखित दस्तावेजों के जरिए भी पूरे नेटवर्क की परतें खोलने की कोशिश की जा रही है।
NEET पेपर लीक जांच में बड़ा मोड़: आरोपी की लिखावट बनेगी राज़ खोलने की चाबी, CBI को कोर्ट से मिली मंजूरी