रायपुर, 22 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में जेल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। राज्य शासन ने बीजापुर और नारायणपुर की उप जेलों को जिला जेल का दर्जा देने की अधिसूचना जारी कर दी है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के अनुमोदन के बाद लिए गए इस निर्णय से जेलों की क्षमता बढ़ेगी, सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी तथा बंदियों एवं उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, जिला जेल का दर्जा मिलने के बाद दोनों जेलों में बंदी क्षमता बढ़ाई जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करते हुए स्थायी डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा बंदियों के पुनर्वास के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण और सुधारात्मक कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे, जिससे वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ बंदियों के परिजनों को मिलेगा। अब बीजापुर और नारायणपुर के परिवारों को मुलाकात के लिए दंतेवाड़ा या जगदलपुर जैसी दूरस्थ जेलों तक नहीं जाना पड़ेगा। जिला स्तर पर ही मुलाकात की सुविधा उपलब्ध होने से समय और आर्थिक खर्च दोनों में कमी आएगी, विशेषकर दूर-दराज और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को राहत मिलेगी।
सरकार का मानना है कि जिला जेल बनने से कैदियों को एक जिले से दूसरे जिले ले जाने की जरूरत कम होगी। इससे एस्कॉर्ट ड्यूटी के दौरान सुरक्षा जोखिम घटेंगे और पुलिस बल का बेहतर उपयोग कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा अन्य सुरक्षा कार्यों में किया जा सकेगा।
जेलों के उन्नयन के साथ जेल अधीक्षक, जेलर, जेल प्रहरी, मेडिकल स्टाफ सहित कई नए पदों के सृजन की संभावना भी जताई जा रही है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जेलों का बुनियादी ढांचा भी मजबूत होगा।
राज्य सरकार ने इस फैसले को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जेल प्रबंधन को अधिक प्रभावी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।