जगदलपुर, 16 जुलाई 2026। शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय (बस्तर विश्वविद्यालय) में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। जगदलपुर के पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता संतोष बाफना ने विश्वविद्यालय के कुलपति मनोज श्रीवास्तव पर गंभीर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों से कथित आर्थिक लेन-देन कर चयन कराने के आरोप लगाए हैं।
बाफना ने इस मामले में राज्यपाल एवं कुलाधिपति रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा को पत्र लिखकर भर्ती प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराने और वर्तमान चयन सूची पर रोक लगाने की मांग की है।
पूर्व विधायक का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने के लिए गोपनीय तरीके अपनाए गए। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय स्तर और अभ्यर्थियों से मिली शिकायतों के अनुसार बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों से कथित तौर पर 20-20 लाख रुपये लेकर उनका चयन सुनिश्चित किया गया है। बाफना के अनुसार यह बस्तर और छत्तीसगढ़ के योग्य युवाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पात्र और अपात्र अभ्यर्थियों की सूची में नामों की जगह केवल एप्लिकेशन आईडी जारी की है। इससे अभ्यर्थियों को यह जानकारी नहीं मिल पा रही कि उन्हें किस आधार पर पात्र या अपात्र घोषित किया गया। बाफना ने योग्य उम्मीदवारों को बिना कारण “नॉट फाउंड सूटेबल” घोषित करने, रोस्टर में कथित हेरफेर और दिव्यांग अभ्यर्थियों की उपेक्षा जैसे आरोप भी लगाए हैं।
पूर्व विधायक ने राज्यपाल से मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए, कथित आर्थिक लेन-देन के आरोपों की जांच हो तथा सभी अभ्यर्थियों के नाम, शैक्षणिक अंक और मूल्यांकन का आधार सार्वजनिक किया जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
बाफना का कहना है कि यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो इससे बस्तर के युवाओं का उच्च शिक्षा व्यवस्था से भरोसा उठ सकता है और क्षेत्र के शैक्षणिक विकास पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।