नई दिल्ली15जुलाई 2026/शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 17वें दिन उनकी स्वास्थ्य स्थिति कमजोर हो गई है, जिससे समर्थकों और शुभचिंतकों की चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, 59 वर्षीय वांगचुक पिछले कई दिनों से शिक्षा क्षेत्र में सुधार और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं। लंबे उपवास के कारण उनके वजन में उल्लेखनीय कमी आई है, वहीं रक्तचाप और ग्लूकोज स्तर में भी गिरावट दर्ज की गई है।
वांगचुक ने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, कथित परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच कराने और प्रभावित परिवारों को उचित सहायता देने की मांग की है। आंदोलन को कई सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों का समर्थन भी मिल रहा है। वहीं कुछ लोग आंदोलन की रणनीति और उसकी प्रभावशीलता पर सवाल भी उठा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी सोनम वांगचुक के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए, जबकि विरोधी पक्ष इस आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगा रहा है।
फिलहाल सभी की निगाहें वांगचुक की सेहत और सरकार की आगामी प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं। यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई निर्णय नहीं होता है तो आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
17 दिन के अनशन से बिगड़ी सोनम वांगचुक की तबीयत, शिक्षा सुधार की मांग पर डटे रहे आंदोलनकारी