पहले दिन सदन में प्रश्नकाल, मानवाधिकार आयोग व विद्युत नियामक आयोग की रिपोर्ट होंगी पेश, पुरातात्विक धरोहर और जांजगीर जिला अस्पताल का मामला ध्यानाकर्षण में गूंजेगा।
रायपुर, 13 जुलाई। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। पहले दिन की कार्यवाही की शुरुआत दिवंगत पद्म विभूषण एवं प्रख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई सहित अन्य दिवंगत विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की जाएगी। इसके बाद प्रश्नकाल, शासकीय प्रतिवेदनों की प्रस्तुति और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा होगी।
प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप अपने-अपने विभागों से जुड़े सदस्यों के सवालों का जवाब देंगे।
सदन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ राज्य मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट, राज्य विद्युत नियामक आयोग का वार्षिक लेखा प्रतिवेदन तथा वर्ष 2026 के अधिसूचित विनियम सदन के पटल पर रखेंगे। वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा “विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (VBGRAM)” से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे। वाणिज्यिक कर मंत्री ओपी चौधरी जीएसटी नेटवर्क (GSTN) की वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट सदन में पेश करेंगे।
कार्यसूची के अनुसार राज्यपाल द्वारा लौटाए गए विधेयकों तथा राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त विधेयकों से जुड़ी जानकारी भी सदन में प्रस्तुत की जाएगी। साथ ही पिछले विधानसभा सत्र के लंबित प्रश्नों के उत्तरों का संकलन भी रखा जाएगा।
ध्यानाकर्षण प्रस्तावों में वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर और धर्मजीत सिंह प्रदेश की पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण में कथित लापरवाही का मुद्दा उठाएंगे। वहीं कांग्रेस विधायक विकास कश्यप जांजगीर जिला अस्पताल में परिवार नियोजन प्रोत्साहन राशि के भुगतान में कथित अनियमितताओं का मामला सदन में रखेंगे।
मानसून सत्र के पहले दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की रणनीति पर सभी की नजरें रहेंगी। आगामी दिनों में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तीखी बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।