जगदलपुर8जुलाई 2026विकासखंड लोहंडीगुड़ा के सघन जंगलों से घिरे दूरस्थ आदिवासी ग्राम कार्लाकोंटा में आखिरकार विकास की रोशनी पहुंच गई है। वर्षों से अंधेरे में जीवन बिता रहे गांव के 43 परिवारों के घरों में पहली बार बिजली के बल्ब जले हैं। बिजली पहुंचने से ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी और भविष्य को लेकर नई उम्मीद दिखाई दे रही है।
ग्रामीणों की मांग पर जिला प्रशासन ने गांव का दौरा कर विद्युतीकरण का आश्वासन दिया था, जिसके बाद चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों और घने जंगलों के बीच यह कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। परियोजना के तहत 3 किलोमीटर 11 केवी विद्युत लाइन, 4.9 किलोमीटर लो-टेंशन लाइन और 25 केवी क्षमता के चार ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। इस पूरे कार्य पर 99.19 लाख रुपये की लागत आई, जिसे स्पेशल सेंट्रल असिस्टेंस (एससीए) योजना के तहत स्वीकृत किया गया।
बिजली पहुंचने से अब गांव में रात के अंधेरे की जगह रोशनी होगी। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिलेगा, घरेलू काम आसान होंगे और भविष्य में स्वरोजगार व अन्य आजीविका के नए अवसर भी खुलेंगे। साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार जैसी जरूरी सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच भी पहले से बेहतर होगी।
कार्लाकोंटा का विद्युतीकरण केवल बिजली पहुंचाने की परियोजना नहीं, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि शासन की विकास योजनाएं अब सुदूर वनांचल में बसे अंतिम व्यक्ति तक भी पहुंच रही हैं। यह पहल दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में विकास की नई शुरुआत और बदलती तस्वीर का प्रतीक बन गई है।
घने जंगलों में विकास की रोशनी: कार्लाकोंटा के 43 घरों में पहली बार जले बिजली के बल्ब