अमरावती3जुलाई2026 आंध्र प्रदेश के पार्वतीपुरम मान्यम जिले से मानवता, साहस और समर्पण की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। यहां आदिवासी कल्याण गर्ल्स आश्रम स्कूल की वार्डन हेमानी ने अपनी गंभीर रूप से बीमार छात्रा की जान बचाने के लिए खुद उसे पीठ पर उठाया और करीब तीन किलोमीटर लंबे दुर्गम जंगल के रास्ते पैदल चलकर अस्पताल पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
जानकारी के अनुसार, सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली 11 वर्षीय भुवनेश्वरी छुट्टियों में अपने गांव वडापुट्टी गई हुई थी। इस दौरान उसे तेज पेट दर्द, उल्टियां और तेज बुखार की शिकायत हुई। गांव तक सड़क और एम्बुलेंस की सुविधा नहीं होने के कारण बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती गई। जैसे ही इसकी सूचना स्कूल प्रशासन को मिली, वार्डन हेमानी बिना देर किए गांव पहुंच गईं।
हालात की गंभीरता को देखते हुए हेमानी ने किसी मदद का इंतजार नहीं किया। उन्होंने छात्रा को कपड़े से अपनी पीठ पर मजबूती से बांधा और ऊबड़-खाबड़, पथरीले जंगल के रास्ते करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर उसे सड़क तक पहुंचाया। वहां पहले से मौजूद वाहन की मदद से बच्ची को पार्वतीपुरम जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे आईसीयू में भर्ती किया गया। डॉक्टरों के अनुसार अब छात्रा की हालत में सुधार हो रहा है।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वार्डन हेमानी की बहादुरी और संवेदनशीलता की हर ओर सराहना हो रही है। हेमानी ने कहा, “मैं सिर्फ अपनी छात्रा की जान बचाना चाहती थी। ऐसे समय में मुश्किलों के बारे में सोचने का वक्त नहीं होता।” उनकी यह भावना आज लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है।