दंतेवाड़ा3जुलाई 2026आधार कार्ड वेरिफिकेशन और मनी लॉन्ड्रिंग में फंसने का डर दिखाकर 19.50 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को दंतेवाड़ा पुलिस ने केरल के पलक्कड़ जिले से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी बैंक खातों को किराये पर लेकर साइबर ठगी की रकम का लेन-देन करते थे और बाद में उसे क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर धन के स्रोत और सबूत छिपाने की कोशिश करते थे।
जानकारी के अनुसार, बचेली निवासी एक व्यक्ति को अक्टूबर 2025 में आधार कार्ड वेरिफिकेशन और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसने का भय दिखाकर अलग-अलग माध्यमों से कुल 19.50 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया था। मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने साइबर ठगी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन एनालिसिस और साइबर फॉरेंसिक टूल्स की मदद से आरोपियों की पहचान की गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गठित टीम ने केरल के पलक्कड़ जिले में कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों के बैंक खातों में करीब 9 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन हुए हैं। इन खातों के संबंध में छत्तीसगढ़ समेत उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान और तमिलनाडु में कुल 17 साइबर शिकायतें दर्ज हैं।
आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पासबुक और नकद राशि बरामद की गई है। मामले में आगे की जांच जारी है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि आधार कार्ड वेरिफिकेशन, मनी लॉन्ड्रिंग, डिजिटल अरेस्ट या किसी अन्य बहाने से यदि कोई व्यक्ति पैसे की मांग करता है, तो उसके झांसे में न आएं। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी या व्यक्तिगत दस्तावेज साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या निकटतम पुलिस थाने से संपर्क करें।
आधार वेरिफिकेशन के नाम पर 19.50 लाख की साइबर ठगी, केरल से दबोचे गए अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्य