महारानी अस्पताल के कायाकल्प की तैयारी: स्वास्थ्य मंत्री के औचक निरीक्षण में 300 बेड, कैंसर यूनिट और डायलिसिस सेंटर को मिली रफ्तार

जगदलपुर, 01 जुलाई। बस्तर संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महारानी अस्पताल को जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बुधवार को अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महारानी अस्पताल की पहचान केवल एक अस्पताल के रूप में नहीं, बल्कि पूरे बस्तर की जीवनरेखा के रूप में है, इसलिए यहां इलाज की गुणवत्ता और सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल की वर्तमान 200 बिस्तरों की क्षमता को बढ़ाकर 300 बिस्तरों का करने के निर्देश दिए। इसके लिए नए सेटअप और भवन विस्तार का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र शासन को भेजने को कहा गया। उनका कहना था कि बढ़ती आबादी और मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल का विस्तार समय की आवश्यकता है।

मंत्री ने निर्माणाधीन डायलिसिस सेंटर और कैंसर यूनिट का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को दोनों परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के शुरू होने से बस्तर के मरीजों को इलाज के लिए रायपुर या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और उन्हें अपने क्षेत्र में ही बेहतर चिकित्सा उपलब्ध होगी।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने आपातकालीन कक्ष, ओपीडी, ईसीजी यूनिट, ब्लड बैंक और विभिन्न वार्डों का भी जायजा लिया। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उपचार, दवाइयों और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों से कहा कि मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार और समय पर उपचार ही अस्पताल की सबसे बड़ी पहचान होना चाहिए।

अटल आरोग्य लैब का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने जांच सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक उपकरणों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि अस्पताल में जल्द से जल्द सभी 134 प्रकार की पैथोलॉजी जांच उपलब्ध हो सकें। इससे मरीजों को जांच के लिए निजी लैबों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

अस्पताल परिसर की जर्जर अंदरूनी सड़कों की मरम्मत के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि मरीजों और एंबुलेंस की आवाजाही सुचारु रखने के लिए अस्पताल परिसर का बुनियादी ढांचा बेहतर होना जरूरी है।

डॉक्टर्स डे के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल परिसर में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ केक काटकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर समाज के लिए सेवा और समर्पण का प्रतीक हैं तथा उनका दायित्व केवल उपचार तक सीमित नहीं, बल्कि मरीजों में विश्वास पैदा करना भी है।

निरीक्षण के दौरान जगदलपुर विधायक श्री किरण देव, महापौर श्री संजय पाण्डे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, सिविल सर्जन डॉ. संजय प्रसाद, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, अस्पताल के चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मचारी एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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