अल्फाज़ों का जादू थम गया: मशहूर शायर बशीर बद्र सुपुर्द-ए-खाक

29मई2026

भोपाल। उर्दू अदब की दुनिया को गहरी उदासी में छोड़ते हुए मशहूर शायर बशीर बद्र का 28मई गुरुवार दोपहर भोपाल में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि उन्होंने दोपहर करीब 12:15 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही साहित्य जगत, शायरी प्रेमियों और उनके चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई।

शाम होते-होते भोपाल के बड़ा बाग कब्रिस्तान में पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में साहित्यकार, प्रशंसक, सामाजिक लोग और परिजन मौजूद रहे। हर किसी की जुबां पर उनकी लिखी ग़ज़लों और शेरों की यादें थीं।

बशीर बद्र ने अपनी शायरी के जरिए मोहब्बत, दर्द, रिश्तों और जिंदगी के एहसासों को बेहद सरल लेकिन गहराई से शब्द दिए। उनकी ग़ज़लें सिर्फ मुशायरों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि आम लोगों की जिंदगी और भावनाओं का हिस्सा बन गईं। उनके कई शेर आज भी लोगों की जुबां पर हैं और सोशल मीडिया से लेकर साहित्यिक मंचों तक अक्सर सुनाई देते हैं।

उनके निधन को उर्दू साहित्य के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। देशभर के साहित्यकारों और कला जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बशीर बद्र जैसे शायर सदियों में पैदा होते हैं। उनकी लिखी पंक्तियां आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेंगी।

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