26मई2026
तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में 10 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और हत्या के मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इसी संवेदनशील मामले में उस वक्त नया विवाद खड़ा हो गया, जब पुलिस अधिकारियों की प्रेस ब्रीफिंग से पहले हंसते और मुस्कुराते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और पुलिस की संवेदनशीलता पर सवाल उठने लगे।
जानकारी के मुताबिक, सुलूर इलाके की बच्ची 21 मई को अचानक लापता हो गई थी। परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन अगले दिन उसका शव बरामद हुआ। शुरुआती जांच में बच्ची के साथ दुष्कर्म और गला दबाकर हत्या किए जाने की बात सामने आई। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने मीडिया को जानकारी देने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की थी। लेकिन ब्रीफिंग शुरू होने से पहले कुछ अधिकारी आपस में हंसते और बातचीत करते कैमरे में कैद हो गए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोगों ने सवाल उठाया कि एक मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत के मामले में इतनी हल्की प्रतिक्रिया कैसे दिखाई जा सकती है।
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे “असंवेदनशील रवैया” बताते हुए पुलिस प्रशासन की आलोचना की। वहीं कुछ लोगों ने अधिकारियों का बचाव करते हुए कहा कि वायरल क्लिप अधूरी है और संभव है कि वे किसी दूसरे विषय पर बातचीत कर रहे हों। हालांकि वीडियो ने लोगों के बीच बहस छेड़ दी है।
विवाद बढ़ने के बाद पुलिस विभाग की ओर से सफाई दी गई कि अधिकारियों की हंसी का घटना या जांच से कोई संबंध नहीं था। यह सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पहले का सामान्य क्षण था, जिसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
इधर, राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने बच्ची के साथ हुई घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। वहीं इलाके में लोगों का आक्रोश लगातार देखने को मिल रहा है और बच्ची को न्याय दिलाने की मांग तेज हो गई है।