मां का कटा हाथ लेकर इंसाफ मांगने पहुंचा ITBP जवान

20मई 2026

उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंडो-तिब्बती बॉर्डर पुलिस (ITBP) के जवान विकास सिंह अपनी मां का कटा हुआ हाथ थर्माकोल बॉक्स में लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए। उनका आरोप है कि निजी अस्पताल की लापरवाही और गलत इलाज की वजह से उनकी मां को अपना हाथ गंवाना पड़ा।
परिजनों के अनुसार, 13 मई को सांस लेने में तकलीफ होने पर विकास सिंह की मां को जीटी रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि इलाज के दौरान गलत इंजेक्शन लगाए जाने से उनके दाहिने हाथ में गंभीर संक्रमण फैल गया। हालत बिगड़ने पर महिला को दूसरे अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने संक्रमण को शरीर में फैलने से रोकने के लिए हाथ काटने की सलाह दी।
बताया जा रहा है कि संक्रमण तेजी से बढ़ने के कारण 17 मई को महिला का दाहिना हाथ काटना पड़ा। इस घटना से परिवार पूरी तरह टूट गया और उन्होंने इसे चिकित्सीय लापरवाही का परिणाम बताया। हालांकि, मामले की आधिकारिक पुष्टि मेडिकल जांच के बाद ही हो सकेगी।
जवान विकास सिंह का आरोप है कि उन्होंने संबंधित अस्पताल और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कई बार थाने में शिकायत दी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पुलिस की कथित उदासीनता से नाराज होकर वे अपनी मां का कटा हाथ सबूत के रूप में लेकर सीधे कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए। वहां यह दृश्य देखकर अफसरों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को विशेष मेडिकल बोर्ड गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि इलाज में वास्तव में लापरवाही हुई थी या नहीं, और दोषियों पर क्या कार्रवाई होगी।
यह घटना सिर्फ एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा, उपचार की गुणवत्ता और शिकायतों पर त्वरित पुलिस कार्रवाई जैसे गंभीर मुद्दों को भी उजागर करती है। पूरे मामले पर अब लोगों की नजर मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *