20अप्रैल2026
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से एक अलग ही तरह का विरोध सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया है। यहां एक व्यक्ति ने सरकारी दफ्तर में अपनी नाराजगी जताने के लिए कोई हंगामा या बहस नहीं की, बल्कि सीधे अधिकारी की टेबल पर बादाम बिखेर दिए।
बताया जा रहा है कि युवक पिछले करीब एक साल से अपनी प्रॉपर्टी से जुड़ी खारिज-दाखिल (म्यूटेशन) की फाइल के लिए दफ्तर के चक्कर काट रहा था। हर बार उसे यही जवाब मिलता—“फाइल नहीं मिल रही।” लगातार टालमटोल से परेशान होकर उसने अनोखा तरीका अपनाया।
दफ्तर पहुंचकर उसने अधिकारी के सामने बादाम का पैकेट खोलकर टेबल पर फैला दिया और इशारों में कहा—“बादाम खाइए, शायद याद आ जाए कि मेरी फाइल कहां गई!” यह शांत लेकिन तंज भरा विरोध वहां मौजूद लोगों के लिए चौंकाने वाला था।
मामला अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। कई लोग इसे आम आदमी की मजबूरी और सिस्टम पर कटाक्ष बता रहे हैं, तो कुछ इसे रचनात्मक विरोध का तरीका मान रहे हैं।
जानकारों के मुताबिक, खारिज-दाखिल जैसे मामलों का निपटारा तय समय सीमा में होना चाहिए। अगर लंबे समय तक काम अटका रहे, तो संबंधित व्यक्ति उच्च अधिकारियों से शिकायत या कानूनी रास्ता भी अपना सकता है।
यह घटना एक बार फिर सरकारी प्रक्रियाओं में देरी और आम नागरिक की परेशानी पर सवाल खड़े कर रही है—जहां कभी-कभी आवाज उठाने के लिए शब्द नहीं, बल्कि बादाम भी काफी साबित हो जाते हैं।