जगदलपुर, 27 फरवरी 2026। भारत सरकार के जनगणना कार्य निदेशालय के दिशा-निर्देशों के तहत बस्तर जिले में जनगणना 2027 की तैयारियां अब ज़मीनी स्तर पर शुरू हो गई हैं। कलेक्टोरेट के प्रेरणा हॉल में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी आकाश छिकारा ने किया।
अपने संबोधन में कलेक्टर ने जनगणना को राष्ट्र की विकास योजनाओं की आधारशिला बताते हुए इसे एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील राष्ट्रीय दायित्व करार दिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि फील्ड में डेटा संकलन का कार्य तय समय-सीमा में शत-प्रतिशत शुद्धता के साथ पूरा किया जाए। साथ ही डिजिटल प्रणाली के प्रभावी उपयोग और पारदर्शी ढंग से गुणवत्तापूर्ण आंकड़े जुटाने पर विशेष जोर दिया।
प्रशिक्षकों संतोष मेंढे और नसीब अहमद खान ने बताया कि जनगणना 2027 दो चरणों में संपन्न होगी। पहले चरण के तहत 1 मई से 30 मई 2026 तक जिले में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा। प्रगणक अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे, जिनकी निगरानी सुपरवाइजर करेंगे।
इस बार जनगणना प्रक्रिया में तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल डेटा संकलन, जीपीएस तकनीक से गणना ब्लॉक का सटीक सीमांकन और सीएमएमएस पोर्टल के जरिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। जिला स्तर पर चार्ज अधिकारियों की एडमिन आईडी बनाकर फील्ड स्टाफ और मास्टर ट्रेनर्स की जानकारी पोर्टल पर अपडेट की जाएगी, जिससे नियमित समीक्षा संभव हो सकेगी।
मुख्य प्रशिक्षण के बाद 17 मार्च 2026 को एक दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण भी प्रस्तावित है। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, अपर कलेक्टर सीपी बघेल सहित विभिन्न अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, तहसीलदार और नगरीय निकायों के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना 2027 को सफल बनाने के लिए सभी अधिकारी निर्धारित प्रोटोकॉल का गंभीरता से पालन करेंगे और इसे राष्ट्रीय मिशन के रूप में पूर्ण जिम्मेदारी के साथ संपन्न करेंगे।
जनगणना 2027: बस्तर में तैयारियां तेज, 1 मई से घर-घर होगा मकान सूचीकरण