जगदलपुर, 20 फरवरी 2026।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता की दिशा में बस्तर ब्लॉक के ग्राम पंचायत करंदोला में संचालित संगवारी जेंडर संसाधन केंद्र अब एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को राजनांदगांव जिले से 45 सदस्यीय दल ने केंद्र का भ्रमण कर यहां संचालित गतिविधियों को करीब से समझा और अनुभव साझा किए।
दल में सहायक परियोजना समन्वयक, प्रोफेशनल रिसोर्स पर्सन, पोषण-स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़े मास्टर ट्रेनर तथा जेंडर मास्टर ट्रेनर शामिल थे। भ्रमण के दौरान केंद्र के प्रमुख कार्यक्रमों—किशोरी बैठक, आमचो बासुल, परिवार चौपाल और जेंडर संसाधन केंद्र की सामुदायिक भूमिका—पर विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि किस प्रकार महिला स्व-सहायता समूहों से जेंडर पॉइंट पर्सन का चयन कर उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी जाती है और सखी मंच व जेंडर फोरम के माध्यम से सामाजिक मुद्दों पर चर्चा कर समाधान की रणनीति तैयार की जाती है।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित किशोरी बैठक विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसमें खेल और चित्र आधारित गतिविधियों के जरिए किशोरियों को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और अधिकारों से जुड़ी जानकारी सहज तरीके से दी गई। राजनांदगांव से आए प्रतिनिधियों ने इस नवाचार की सराहना करते हुए इसे प्रभावी जागरूकता का उदाहरण बताया।
बैठक में सामाजिक कार्यकारिणी समिति की भूमिका, केंद्र में दर्ज मामलों की स्थिति, निराकृत प्रकरणों और चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने बताया कि यह केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में जेंडर समानता और सामाजिक न्याय को मजबूत करने का सशक्त मंच बन चुका है।
इस अवसर पर जेंडर संसाधन केंद्र की पदाधिकारी, स्टीयरिंग कमेटी के सदस्य, प्रोफेशनल रिसोर्स पर्सन और जेंडर मास्टर ट्रेनर मौजूद रहे। राजनांदगांव की टीम ने बस्तर के इस मॉडल को अपने जिले में भी लागू करने की इच्छा जताई और इसे प्रेरणादायक पहल बताया।
बस्तर का संगवारी जेंडर संसाधन केंद्र बना प्रेरणा का मॉडल, राजनांदगांव से पहुँचे 45 सदस्यीय दल ने सीखी कार्यप्रणाली