जगदलपुर | 03 फरवरी 2026
आम आदमी पार्टी-बस्तर ने राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026 के बजट को बस्तर की जनता के लिए निराशाजनक और दिशाहीन करार दिया है। पार्टी के प्रदेश सचिव एवं प्रवक्ता तरुणा साबे बेदरकर ने कहा कि यह बजट बस्तर की जमीनी सच्चाई से कोसों दूर है और इसमें आदिवासियों, किसानों और बेरोजगार युवाओं की मूलभूत जरूरतों की अनदेखी की गई है।
तरुणा साबे ने आरोप लगाया कि बजट केवल कागजी आंकड़ों की बाजीगरी तक सीमित है और विकास के नाम पर जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने इसे चंद उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाला पूंजीवादी बजट बताया, जो बस्तर के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
* स्थानीय रोजगार को लेकर कोई ठोस योजना नहीं
आम आदमी पार्टी का कहना है कि बजट में बड़े उद्योगों और निवेश की बातें तो की गई हैं, लेकिन बस्तर के स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष रोजगार सृजन का कोई ठोस रोडमैप नजर नहीं आता। ‘बस्तर फाइटर्स’ जैसे सुरक्षा-केंद्रित पदों के अलावा कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और स्वरोजगार को लेकर कोई बड़ा निवेश नहीं किया गया है।
* किसान और वनोपज संग्राहक उपेक्षित
पार्टी ने आरोप लगाया कि कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण, सिंचाई विस्तार और किसानों की आय बढ़ाने के लिए पर्याप्त बजट प्रावधान नहीं किए गए हैं। लघु वनोपज के समर्थन मूल्य में वृद्धि और स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए भी ठोस फंड का अभाव है, जिससे आदिवासी अर्थव्यवस्था हाशिये पर बनी हुई है।
* बुनियादी ढांचे में क्षेत्रीय असमानता
आम आदमी पार्टी के अनुसार बजट का बड़ा हिस्सा रायपुर और कुछ चुनिंदा शहरी क्षेत्रों तक सीमित है। बस्तर के अंदरूनी इलाकों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए आवंटन बेहद अपर्याप्त है, जिसे पार्टी ने ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ बताया।
* महंगाई से राहत देने में नाकाम
पार्टी ने कहा कि बजट में आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए कोई प्रभावी उपाय नहीं किए गए हैं। पेट्रोल-डीजल पर मामूली वैट कटौती के बावजूद ग्रामीण परिवहन और रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण की कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है।
* शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंता
तरुणा साबे ने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की स्थिति सुधारने के बजाय सरकार पीपीपी मॉडल और निजीकरण को बढ़ावा दे रही है, जिससे बस्तर के गरीब परिवारों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं महंगी और पहुंच से बाहर हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य बजट में वृद्धि के दावे के बावजूद बस्तर के जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों, वेंटिलेटर और आधुनिक सुविधाओं की भारी कमी बनी हुई है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में हाट-बाजार क्लिनिक केवल रेफरल केंद्र बनकर रह गए हैं।
*स्कूल बंद, संस्थान नदारद
आम आदमी पार्टी ने कहा कि बस्तर के अंदरूनी इलाकों में बंद पड़े स्कूलों को दोबारा खोलने और शिक्षकों की नियमित नियुक्ति के बजाय सरकार केवल डिजिटल शिक्षा की बातें कर रही है। उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के लिए नए संस्थानों का अभाव अब भी बना हुआ है।
* विशेष बस्तर पैकेज की मांग
आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार से मांग की है कि बजट में संशोधन कर बस्तर के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की जाए, जो केवल सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित न होकर यहां के लोगों के जीवन स्तर, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार पर केंद्रित हो।
बजट 2026 बस्तर की बुनियादी जरूरतों से दूर, आंकड़ों का मायाजाल और विकास के नाम पर छलावा: आम आदमी पार्टी