जगदलपुर, 29 जनवरी 2026।
कभी हाथों के सहारे रेंगकर चलने वाला मासूम प्रवीण नूरेटी आज मुस्कुरा रहा है। उसकी आंखों में चमक है और चेहरे पर उम्मीद—क्योंकि अब उसके सपनों को पंख मिल गए हैं। यह बदलाव संभव हुआ एक वायरल वीडियो, संवेदनशील संज्ञान और त्वरित कार्रवाई से, जिसने मानवता की एक प्रेरक मिसाल पेश की।
नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड अंतर्गत सोनपुर बांधपारा निवासी प्रवीण नूरेटी जन्म से ही दिव्यांग है और चलने में असमर्थ है। पहली कक्षा में पढ़ने वाला यह बच्चा अपने दोस्तों के साथ बाहर घूमने और बाजार देखने की इच्छा रखता था, लेकिन शारीरिक असमर्थता उसके सपनों के आड़े आ जाती थी। जब उसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, तो उसने पूरे प्रदेश को भावुक कर दिया।
वीडियो पर तत्काल संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री एवं नारायणपुर विधायक केदार कश्यप ने जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। परिणामस्वरूप मात्र 24 घंटे के भीतर मासूम प्रवीण को व्हीलचेयर और ट्राइसाइकिल उपलब्ध करा दी गई।
सहायक उपकरण मिलने के बाद प्रवीण की आंखों में खुशी और चेहरे पर मुस्कान देखने लायक थी। वहीं इस मानवीय पहल से उसके परिवार में भी नई उम्मीद जगी। परिजनों ने मंत्री केदार कश्यप के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस संवेदनशीलता ने उनके बच्चे के जीवन को नई दिशा दी है।
इस अवसर पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सरकार का दायित्व है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचे। किसी मासूम की पीड़ा को अनदेखा नहीं किया जा सकता। प्रवीण जैसे बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना साय सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए हर संभव सहायता के लिए सरकार सदैव तत्पर रहेगी।
उल्लेखनीय है कि सोनपुर गांव नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आता है, जहां कभी लोगों का पहुंचना भी कठिन माना जाता था। आज वही क्षेत्र विकास और संवेदनशील शासन की नई कहानी लिख रहा है। सड़क, बिजली, संचार और मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ अब मानवीय सरोकार भी मजबूती से दिखाई दे रहे हैं।
यह घटना केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक मासूम के सपनों को साकार करने की कहानी है—जो यह साबित करती है कि संवेदनशील सरकार और जागरूक समाज मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं।
जहाँ थमी थी मासूम की चाल, वहाँ मंत्री केदार कश्यप ने थामा हाथ24 घंटे में दिव्यांग प्रवीण को मिली व्हीलचेयर और ट्राइसाइकिल, मुस्कान लौटी चेहरे पर