सिद्धार्थनगर, 19 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में प्रदेश में छठा स्थान हासिल करने वाली मेधावी छात्रा श्रेया पांडेय को मिशन शक्ति के तहत एक दिन के लिए जिलाधिकारी बनने का अवसर मिला। जिलाधिकारी की कुर्सी पर बैठकर प्रशासनिक कार्यों को समझना श्रेया के लिए यादगार अनुभव रहा। वहीं, बेटी को इस प्रतिष्ठित कुर्सी पर बैठा देखकर पिता की आंखों में खुशी और गर्व साफ झलक रहा था।
प्रदेश में छठा स्थान हासिल कर बढ़ाया मान
बांसी विकासखंड के पचहरी गांव की निवासी श्रेया पांडेय ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की दसवीं की परीक्षा में प्रदेश में छठा और जिले में पहला स्थान प्राप्त किया था। उन्होंने रघुबर प्रसाद जायसवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज से दसवीं की पढ़ाई पूरी की है। फिलहाल वह बुद्ध विद्यापीठ इंटर कॉलेज, बर्डपुर में कक्षा 11 की छात्रा हैं।
जनसमस्या पर कार्रवाई के दिए निर्देश
एक दिन की जिलाधिकारी बनने के दौरान जिले के वास्तविक प्रशासनिक कामकाज से रूबरू हुईं श्रेया ने लोगों की समस्याएं भी सुनीं। इस दौरान बांसी क्षेत्र के केसवार गांव निवासी रामनरेश केवट ने भूमि विवाद से जुड़ी समस्या रखी। श्रेया ने उनका प्रार्थना पत्र उप जिलाधिकारी, बांसी को भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारियों और जनसमस्याओं के समाधान की प्रक्रिया से परिचित कराया।
पिता बोले- असली खुशी उस दिन होगी, जब सच में डीएम बनेगी बेटी
श्रेया के पिता कृष्णनाथ पांडेय रघुबर प्रसाद जायसवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में संस्कृत के अध्यापक हैं। बेटी को जिलाधिकारी की कुर्सी पर बैठा देखकर वह बेहद भावुक और उत्साहित नजर आए। उन्होंने कहा कि असली खुशी उस दिन होगी, जब उनकी बेटी वास्तव में जिलाधिकारी बनकर इस कुर्सी पर बैठेगी।
मां अनीता पांडेय भी बेटी की उपलब्धि से खुश हैं और चाहती हैं कि वह भविष्य में प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश की सेवा करे।
सिविल सेवा में जाकर देशसेवा करना है सपना
श्रेया का सपना सिविल सेवा परीक्षा पास कर देश की सेवा करना है। वह अभी से अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर हैं और पढ़ाई पर विशेष ध्यान दे रही हैं। उनका कहना है कि वह भविष्य में प्रशासनिक अधिकारी बनकर समाज और देश के विकास में योगदान देना चाहती हैं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य बसंत मिश्रा ने भी श्रेया की उपलब्धि पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में छठा स्थान हासिल कर श्रेया ने विद्यालय का नाम रोशन किया है। एक दिन के लिए जिलाधिकारी बनने का अवसर उनकी प्रतिभा का सम्मान है और इससे दूसरे विद्यार्थियों को भी मेहनत कर अपने लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी।