ग्वालियर, 18 अक्टूबर 2026। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए दर्दनाक ट्रक हादसे के बाद मृतकों के परिजनों का आक्रोश सामने आया है। हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत और 25 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। रविवार सुबह परिजन अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर एकत्र हुए और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
जानकारी के मुताबिक, देर रात पहाड़ी पर एक ट्रक अनियंत्रित होकर लोगों की चपेट में आ गया। हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन पीड़ित परिवारों ने इलाज और अपनों की स्थिति की जानकारी देने में देरी का आरोप लगाया है।
इलाज की जानकारी मिलती रही, बाद में मौत की खबर मिलने का आरोप
परिजनों का कहना है कि रातभर उन्हें अपने बच्चों के इलाजरत होने की जानकारी दी जाती रही। कुछ परिवारों ने आरोप लगाया कि उन्हें सुबह तक यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि उनके परिजनों की मौत हो चुकी है। एक मृतक की मां ने दावा किया कि उनके बेटे की हालत और उसे पोस्टमार्टम हाउस भेजे जाने को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
एक अन्य परिजन ने सवाल उठाया कि यदि हादसा रात करीब दो बजे हुआ था, तो घायल को अस्पताल पहुंचाने में कथित तौर पर देरी क्यों हुई। उनका आरोप है कि परिवार के सदस्य सुबह तक अस्पताल में इंतजार करते रहे और बाद में उन्हें मौत की जानकारी मिली।
अपनों को तलाशने में मदद नहीं मिलने का भी आरोप
हादसे में अपने बेटे को खोने वाली एक मां ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी सुबह करीब छह बजे मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी हादसे के बाद परिवार के सदस्यों को तलाशने गई थी, लेकिन पुलिस ने उसे ऐसा करने से रोक दिया। परिजनों ने प्रशासन से सवाल किया कि संकट की इस घड़ी में उन्हें अपने लोगों की जानकारी और सहायता समय पर क्यों नहीं मिली।
हादसे के बाद कई सवाल
इस दर्दनाक घटना के बाद प्रभावित परिवारों में शोक और नाराजगी है। परिजन घायलों के उपचार, मृतकों की पहचान और सूचना देने की प्रक्रिया को लेकर जवाब मांग रहे हैं। अस्पताल और पुलिस प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, हादसे में हुई मौतों और घायलों की संख्या को लेकर संबंधित प्रशासन की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।